पटना : कभी सिस्टमेटिक समस्या को रियलाइज ही नहीं किया गया

पटना : बारिश के दौरान पटना में हुए जलजमाव की सुनवाई करने पहुंची विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय टीम ने लोगों से फीडबैक लिया, तो राजेंद्र नगर में जलजमाव की बजबजाती तस्वीर उभर कर सामने आ गयी. लोगों ने बताया कि इस इलाके के चैंबर व मैनहोल के निशान ही मिट चुके हैं. जब […]

पटना : बारिश के दौरान पटना में हुए जलजमाव की सुनवाई करने पहुंची विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय टीम ने लोगों से फीडबैक लिया, तो राजेंद्र नगर में जलजमाव की बजबजाती तस्वीर उभर कर सामने आ गयी. लोगों ने बताया कि इस इलाके के चैंबर व मैनहोल के निशान ही मिट चुके हैं. जब पानी की निकासी की जा रही थी, तो वह फिर से मुड़कर नंदनगर मुहल्ले में वापस लौटने लगी.
लोगों के साथ सुनवाई के दौरान विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह की टिप्पणी थी कि लगता है कि कभी सिस्टमेटिक समस्या को रियलाइज ही नहीं किया गया. जलनिकासी के लिए कभी इस तरह की समस्या को लोगों ने गंभीरता से समझा ही नहीं. टीम छठपूजा के बाद भी जांच और सुनवाई जारी रखेगी. एक महीने में टीम सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी.
लूप नाले को मुख्य नाले से नहीं जोड़ा : वार्ड पार्षद चंद्रवंशी ने बताया कि पिछले 30-40 वर्षों से राजेंद्र नगर के अंडरग्राउंड नाले की सफाई ही नहीं हुई है. सुनवाई के दौरान टीम के सदस्य पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने जब राजेंद्र नगर के नालों के नक्शे को देखा, तो कहा कि लूप नाला ही गलत बनाया गया है. लूप नाले को मुख्य नाले से जोड़ा ही नहीं गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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