पटना : सूबे के सुदूर इलाके से पांच घंटे में पटना पहुंचने के लिए अभी राज्य के लोगों को इंतजार करना होगा. इसके लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गयी है, लेकिन इसे लेकर सड़कों, पुल, पुलिया आदि की योजना बनाने और इनका निर्माण कार्य हो रहा है. जो सड़कें भीड़भाड़ या बाजार वाले इलाकों से होकर गुजरती हैं, उनकी पहचान कर बाइपास, एलिवेटेड सड़क या फ्लाइओवर बनाने का निर्णय लिया गया है.
जिन ग्रामीण सड़कों की कम चौड़ाई होने के बावजूद उनपर आवागमन ज्यादा था, उनकी पहचान कर 15 साल में करीब पांच हजार सड़कों का पथ निर्माण विभाग ने अधिग्रहण किया है. उनकी चौड़ाई बढ़ाने और उन्हें मजबूत करने का काम चल रहा है. पथ निर्माण के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2015 में नया लक्ष्य पांच घंटे में पटना पहुंचने का दिया है. इस पर काम हो रहा है.
सूत्रों का कहना है कि राजधानी को जोड़ने वाली बिहटा-सरमेरा सड़क को मार्च 2020 तक पूरा करने और फतुहा-दनियावां-हरनौत-बाढ़ तक 71 किलोमीटर लंबी एनएच-30ए के बचे काम को चार माह में पूरा करने का लक्ष्य है. एनएच-31 के फोर लेन चौड़ीकरण, पटना से राजगीर के बीच शॉटेस्ट और फास्टेस्ट कनेक्टिविटी के लिए पटना-बख्तियारपुर फोर लेन सड़क में एक नये एलाइनमेंट की मंजूरी दी गयी है.
