पटना : जलजमाव में फंसे अधिवक्ता को समय से मेडिकल मदद उपलब्ध नहीं कराने पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है.
आयोग के अध्यक्ष उज्जवल कुमार दूबे ने डीएम और एसएसपी से 25 अक्टूबर से पहले रिपोर्ट देने को कहा है. 29 सितंबर को पूरा शहर जलजमाव से त्रस्त था उसी दिन पटना के कंकडबाग मोहल्ला के फ्लैट संख्या 258 निवासी एवं पटना सिविल कोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद (55) को दोपहर को दिल का दौरा पड़ा था. परिवार के लोगों ने उनको अस्पताल तक ले जाने के लिये प्रशासन से मदद मांगी थी.
जिला नियंत्रण कक्ष, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ , सिविल सर्जन एवं कंकड़बाग थाना में फोन किया था. करीब तीन घंटे तक वह तड़पते रहे लेकिन मदद नहीं पहुंची. सरकार की सभी अथॉरिटी जिम्मेदारी एक -दूसरे पर फेंकती रहीं. चिकित्सा के अभाव में मौत होने पर आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया है.
