पटना : दुर्गा पूजा के दौरान एलपीजी उपभोक्ताओं को पूजा-पाठ छोड़कर एलपीजी सिलिंडर के लिए वितरकों का चक्कर लगाना पड़ा. कई उपभोक्ताओं ने पड़ोसियों से आरजू-मिन्नत कर सिलिंडर लिया, तब घर में खाना पका. 12 दिन से अधिक का बैकलॉग हो गया है. वितरकों की मानें, तो दीवाली तक बैकलॉग कम होने की उम्मीद नहीं है.
4 के बदले 72 घंटे में पहुंच रहा है गैस सिलिंडर, बैकलॉग 12 दिनों तक पहुंचा
पटना : दुर्गा पूजा के दौरान एलपीजी उपभोक्ताओं को पूजा-पाठ छोड़कर एलपीजी सिलिंडर के लिए वितरकों का चक्कर लगाना पड़ा. कई उपभोक्ताओं ने पड़ोसियों से आरजू-मिन्नत कर सिलिंडर लिया, तब घर में खाना पका. 12 दिन से अधिक का बैकलॉग हो गया है. वितरकों की मानें, तो दीवाली तक बैकलॉग कम होने की उम्मीद नहीं […]

कंपनियों की ओर से सप्लाइ की कोई कमी नहीं है. बल्कि कोइलवर पुल जाम होने के कारण एक ट्रक को 72 घंटे का समय लग रहा है, जबकि अारा से पटना का सफर मात्र चार घंटे का है. यह परेशानी तीनों सार्वजनिक तेल कंपनियों के उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है. पटना जिले में 13 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं.
40 से 50 ट्रक ही आ रहे हैं : मिली जानकारी के अनुसार इंडियन ऑयल कंपनी ने बैकलॉग को कम करने के लिए बोकारो प्लांट से सप्लाइ कर रही है. लेकिन यहां भी सिलिंडर पहुंचने में कम-से-कम 72 घंटे का समय लग रहा है. सामान्य दिनाें में पटना में 80 ट्रक आते हैं, लेकिन इस वक्त 40 से 50 ट्रक ही पहुंच रहे हैं. एक ट्रक में 324 और 450 सिलिंडर लोड होते हैं.
परिवहन को लेकर है परेशानी
बिहार एलपीजी वितरक संघ के महासचिव डॉ रामनरेश सिन्हा ने बताया कि सप्लाइ की कोई कमी नहीं है. केवल परेशानी परिवहन को लेकर है. कोइलवर का पुल लगातार जाम रहा है. आरा से पटना आने और पटना से अारा जाने में 72 घंटे तक का समय लग रहा है.
इस माह अधिक अवकाश होने के कारण बैकलॉग बढ़ गया है, लेकिन उसे कम करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. बॉटलिंग प्लांट में तीन शिफ्ट में काम हो रहा है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के मालदा और दुर्गापुर प्लांट से सहायता ली जा रही है.
वीणा कुमारी, मुख्य प्रबंधक
(बिहार-झारखंड), इंडियन अॉयल