पटना : राजधानी में लगातार हो रहे बारिश के कारण समय पर मेडिकल सुविधा नहीं मिलने के कारण 29 सितंबर को अधिवक्ता प्रमोद कुमार (59) की मौत हो गयी थी. उनके परिजनों ने प्रशासनिक लापरवाही के कारण मौत होने का आरोप लगाया है. अधिवक्ता के भाई कृष्ण बिहारी ने कहा कि उनके भाई की तबीयत खराब हो गयी थी और बारिश के कारण इलाके में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी थी.
जलजमाव से समय पर नहीं मिली मेडिकल सुविधा, अधिवक्ता की मौत
पटना : राजधानी में लगातार हो रहे बारिश के कारण समय पर मेडिकल सुविधा नहीं मिलने के कारण 29 सितंबर को अधिवक्ता प्रमोद कुमार (59) की मौत हो गयी थी. उनके परिजनों ने प्रशासनिक लापरवाही के कारण मौत होने का आरोप लगाया है. अधिवक्ता के भाई कृष्ण बिहारी ने कहा कि उनके भाई की तबीयत […]

उन्हें बोट की आवश्यकता थी ताकि इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा सके. जिला प्रशासन, एसडीआरएफ सभी को फोन किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. प्रमोद कुमार पटना सिविल कोर्ट में एडवोकेट थे. वो अपने परिवार के साथ कंकड़बाग के 258 रेंटल फ्लैट में रह रहे थे. इधर, परिजन कोर्ट खुलते ही न्यायालय में अपनी शिकायत को दर्ज करायेंगे.
पहले से खराब थी अधिवक्ता की तबीयत
कृष्ण बिहारी ने बताया कि बड़े भाई प्रमोद कुमार बीमार चल रहे थे. उनका डायलिसिस चल रहा था और 28 सितंबर की रात 11 बजे उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गयी थी. उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल में एडमिट कराने की आवश्यकता थी. जलजमाव के कारण अस्पतालों द्वारा एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पायी.
इसके बाद जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में फोन किया तो वहां से भी कोई मदद नहीं मिली. केवल पटना के सिविल सर्जन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ का नंबर उपलब्ध कराया गया. सिविल सर्जन का नंबर नहीं लगा. और, कहीं से भी कोई मदद नहीं मिली. अगले दिन 29 सितंबर को बड़े भाई की मृत्यु हो गयी. कृष्ण बिहारी ने सवाल उठाया है कि जब उस दौरान रेड अलर्ट था तो समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गयी थी?