पटना : रौशनी से चकाचौंध सड़कें, आकर्षक पंडाल व सजे फुटपाथों ने पटना शहर की रौनक लौटा दी है. पिछले दस दिनों से भीषण जलजमाव को लेकर निराश शहरवासियों को दशहरा मेले ने नयी सकारात्मक उर्जा दी है. इसी का असर रहा कि रविवार की देर शाम पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी.
ट्रैफिक इंतजामों के बीच सड़कों पर जाम का नजारा रहा और लोग मेले में घूमने के साथ ही चाट, चाउमिन से लेकर बलून व भोंपू का आनंद लेते देखे गये. पूजा पंडालों से निकल रहे मंत्रोच्चारण की गूंज व भक्ति गीतों ने पूरे माहौल को पवित्र कर दिया. हालांकि उनके अंदर भी जलजमाव क्षेत्र के पीड़ित लोगों को लेकर कसक दिखी.
कंधे पर बैठे बच्चों ने लिया मेले का नजारा
शाम के बाद डाकबंगला चौराहा से लेकर तारामंडल तक वाहनों की नो इंट्री रही. सिर्फ पैदल इंट्री होने के बावजूद इस बीच दोनों फ्लैंक पर खासी भीड़ दिखी. महिला से लेकर युवा और बच्चों ने पंडाल के आगे खूब सेल्फी ली. बच्चे अपने अभिभावकों के कंधे पर बैठ कर मेले का नजारा लेते देखे गये.
सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम रहा. यही हाल, बेली रोड में राजाबाजार से लेकर खाजपुरा, कदमकुआं में डोमन भगत लेन से लेकर मखनियां कुआं व कंकड़बाग में शालीमार मोड़ से ऑटो स्टैंड तक देखा गया. गर्दनीबाग में यारपुर के चंद्रयान टू पंडाल के पास भी लोगों ने खूब सेल्फी ली.
कम्यूनिटी पुलिस ने संभाले रखी व्यवस्था
भीड़ को लेकर बड़ी संख्या में जिला प्रशासन व पुलिस की फोर्स उतारी गयी है. मगर ट्रैफिक का पूरा दारोमदार कम्यूनिटी पुलिस के लड़कों ने ही संभाल रखा है. बोरिंग रोड से लेकर डाकबंगला व तमाम जगहों पर एनसीसी के बच्चों को ट्रैफिक कंट्रोल करते देखा गया. इसके साथ ही पुलिस की बाइकर्स गैंग पर भी निगाह रही. सख्ती के चलते बेली रोड पर ऐसे शोहदे काफी कम दिखे.
तरह-तरह की झांकियों ने मन मोहा
राजधानी के डाकबंगला चौराहे पर रात दस बजे, चमचमाती लाइटों से सजे द्वार और उसमें मां दुर्गा के दर्शन के लिए प्रवेश करते श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा हुआ था. एक-दूसरे का हाथ थामे माता-पिता और उनके बच्चे पूरे परिवार के साथ मेले का आनंद ले रहे थे. लोग धीरे-धीरे पंडाल की ओर बढ़ते रहे थे और साथ-साथ यहां मेले का भी आनंद लेते रहे थे.
कहीं झूला तो कहीं खूबसूरत झांकी, कहीं बांसुरी बिक रहा था तो कहीं खिलौने. खरीदारी करते, बच्चों को झूला झुलाते लोग माता के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे. पंडाल के भीतर कतारबद्ध मां दुर्गा की प्रतिमा का लोग दर्शन कर रहे थे. साथ-साथ भारी भीड़ में भी सेल्फी का भी दौर चल रहा था.
वहां लगे बड़े स्क्रीन में अपने आपको देखकर भी वे काफी खुश हो रहे थे. महिलाओं के लिए अलग कतार थी और स्वयंसेवक यह पूरा ध्यान दे रहे थे कि भीड़ में किसी को कोई दिक्कत न हो. महिला और पुरुष एंकर के द्वारा घोषणा भी जारी थी. पंडाल के आगे जीती जागती मां दुर्गा के अलग-अलग रूप में देवियों की झांकी, जिसमें युवतियां मां दुर्गा की रूप धरी थी, लोगों को अपनी ओर खासा आकर्षित कर रही थीं.
