पटना : पटना विश्वविद्यालय के दो कॉलेजों, पटना कॉलेज व साइंस कॉलेज में नैक तैयारियों पर पानी फिर गया है. पटना कॉलेज में 16-17 अक्तूबर को तथा साइंस कॉलेज में 8 व 9 अक्तूबर को नैक की टीम आनी है. लेकिन बारिश की वजह से स्थिति काफी विकट हो चुकी है.
सबसे बड़ी समस्या पटना कॉलेज की है क्योंकि उसके पास अब समय काफी कम है. वहीं, बारिश की वजह से दो-तीन दिनों तक काम-काज पर काफी बुरा असर पड़ा है. वहीं छुट्टी पांच अक्तूबर से छुट्टी ही होने वाली है. इसलिए अब इतने कम समय में चुनौती काफी बढ़ गयी है.
पटना कॉलेज कैंपस में जलजमाव, कई अन्य काम हैं पेंडिंग
पटना कॉलेज के ग्राउंड में कुछ जगहों पर अब भी जल जमाव की स्थिति है. वहीं कई काम भी पेंडिंग है. जैसे लाइब्रेरी के ऑटोमेशन का काम बाकी है. इ-लाइब्रेरी, लैग्वेज लैब, मीडिया लैब, कैंटीन आदि सबका काम पेंडिंग है. बिल्डिंग का रंगरोगन भी बाकी है और बारिश की वजह से उसमें भी परेशानी हो रही है. वहीं छुट्टियों में कई लोग बाहर निकल गये हैं. कुछ पूजा-पाठ व उपवास पर हैं.
इन सब वजहों से परेशानी है. वहीं साइंस कॉलेज में तो अभी समय है लेकिन वहां भी काफी काम पेंडिंग है. वहां तो लाइब्रेरी का ऑटोमेशन वर्क व इ-लाइब्रेरी का काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है. कैंटीन है लेकिन दुरुस्त किया जाना है. वहीं लैब को भी दुरुस्त किया जाना है. ग्राउंड ऊंचा है लेकिन उसे ठीक कराया जाना है. लैंग्वेज लैब के लिए सरकार को प्रस्ताव दिया गया है.
बारिश से काफी परेशानी
बारिश की वजह से काफी परेशानी हुई है. काफी कम समय बचा है. कुछ लोग छुट्टियों पर हैं लेकिन छुट्टियों के दौरान भी काम किया जा रहा है. कैंपस खुलने पर भी काम जारी रहेगा. हमलोग प्रयास में हैं कि नैक की टीम आने तक काफी काम करा लिया जाये.
प्रो आरएस आर्या, प्राचार्य, पटना कॉलेज
कम समय मिला है
बारिश के कारण करीब दस दिन का समय जो हमें अधिक मिलता वह बरबाद हो गया. जो समय बचा है उसमें भी छुट्टियां काफी हैं. कम समय में जो भी जरूरी है वह किया जायेगा.
प्रो केसी सिन्हा, प्राचार्य, सायंस कॉलेज
