थानों में पुलिस बल व पुलिस पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाने का भेजा जायेगा प्रस्ताव
पटना : राज्यभर में पुलिस बल और पुलिस पदाधिकारियों की कमी से एससी- एसटी मामले में अनुसंधान समय से नहीं हो पाता है. जिलों में लंबित मामलों की संख्या अधिक है और दोषियों की संख्या बहुत कम. मामले का निबटारा जल्द हो.
एससीएसटी विभाग ने राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है कि थानों में पुलिस के पदाधिकारियों की संख्या बढ़ायी जाये, ताकि मामले का निबटारा तुरंत हो और दोषी को सजा मिले. वहीं, विभागीय स्तर पर सभी पदाधिकारियों व थानेदारों को निर्देश दिया गया कि अधिनियम के मुताबिक काम करें, वरना कार्रवाई की जायेगी. यदि जरूरत पड़े , तो पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस बल की संख्या में वृद्धि के लिए नये पद सृजन का प्रस्ताव दिया जाये.
इन जिलों में विशेष न्यायालय के गठन का प्रस्ताव : अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के अधीन मामलों के तुरंत निष्पादन के लिए पांच जिलों में विशेष न्यायालय स्वीकृत है. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग नालंदा, रोहतास, नवादा, सारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, वैशाली, दरभंगा और समस्तीपुर में विशेष न्यायालय के गठन के लिए प्रस्ताव है.
