पटना : राज्य सरकार अब अपनी विभागीय जरूरतों की खरीदारी बड़ी संख्या में ऑनलाइन करने लगी है. केंद्र सरकार की तरफ से तैयार जेम पोर्टल पर अब राज्य के सरकारी महकमे अन्य सामानों के साथ जल्द ही दवा और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की भी खरीदारी करने जा रही हैं. सरकारी हॉस्पिटल में जितनी दवा की सप्लाइ होती है, उनकी खरीद ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है.
अब दवा व फायर ब्रिगेड गाड़ी की होगी खरीद
पटना : राज्य सरकार अब अपनी विभागीय जरूरतों की खरीदारी बड़ी संख्या में ऑनलाइन करने लगी है. केंद्र सरकार की तरफ से तैयार जेम पोर्टल पर अब राज्य के सरकारी महकमे अन्य सामानों के साथ जल्द ही दवा और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की भी खरीदारी करने जा रही हैं. सरकारी हॉस्पिटल में जितनी दवा […]

इससे दवाओं की खरीद में टेंडर प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जायेगी. इसके अलावा फायर ब्रिगेड जैसे स्पेशल वाहनों की भी खरीद ऑनलाइन होने जा रही है. सिर्फ सरकारी महकमों के लिए करीब डेढ़ साल पहले ऑनलाइन खरीदारी के लिए शुरू की गयी इस जेम (गवर्मेंट इ-मार्केट प्लेस) पोर्टल से जल्द ही आम लोगों को भी खरीदारी करने की सुविधा मिलने जा रही है.
अगले वित्तीय वर्ष से यह सुविधा आम लोगों के लिए भी मुहैया कराने की संभावना है. इसे लेकर केंद्र सरकार जल्द ही निर्णय लेने जा रही है. अब आम लोग भी इस पर अन्य शॉपिंग वेबसाइट की तरह ही अपने मनपसंद चीजों की खरीद कर सकते हैं. इस पर गाड़ी से लेकर अन्य सामान की खरीद भी बाजार मूल्य से काफी कम दाम पर खरीद कर सकते हैं.
जल्द ही आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा
सरकार पिछले डेढ़ साल के दौरान 650 करोड़ की कर चुकी है खरीदारी
राज्य सरकार के सभी महकमों ने पिछले डेढ़ साल के दौरान इस पोर्टल से 650 करोड़ से ज्यादा की खरीद कर चुके हैं. विभिन्न सामानों के अब तक 10 हजार से ज्यादा ऑर्डर दिये जा चुके हैं. इसके माध्यम से खरीद करने में राज्य सरकार को सीधे तौर पर 10 से 15 प्रतिशत की बचत हुई है.
यानी 650 करोड़ की खरीद में 65 से 70 करोड़ की बचत हुई है. अब सरकारी महकमे इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने लगे हैं. इसमें सबसे ज्यादा सरकारी महकमों ने गाड़ियों की खरीद की है. पुलिस महकमे ने इसके माध्यम से स्कॉर्पियो, बोलेरो से लेकर अन्य जरूरत वाले दर्जनों वाहनों की खरीद की है.
इससे 10 से 15 फीसदी की बचत हुई है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने भी बड़ी संख्या में गाड़ियां इससे खरीदी हैं. खासकर कूड़ा ढोने वाली तकरीबन सभी गाड़ियों की खरीद इसके माध्यम से ही हुई है. इस पोर्टल पर सीधे कंपनियों के रजिस्टर्ड होने के कारण बिना किसी ब्रोकर के विभाग सीधे कंपनी से सामान खरीद पाते हैं. इससे रेट काफी हो जाता है.