पटना : विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों का पालन करने पर पटना के लोगों की औसत आयु 7.7 साल व बिहार में 6.9 साल बढ़ जायेगी. ये बातें एपिक शिकागो के एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स में कही गयी है. एपिक शिकागो और सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) ने शनिवार को ‘वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक के संबंध में एक कार्यशाला का आयोजन किया. साथ ही सरकार से शहरों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य कदम उठाने की अपील की.
पटना में हवा की क्वालिटी होती जा रही खराब
पटना : विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों का पालन करने पर पटना के लोगों की औसत आयु 7.7 साल व बिहार में 6.9 साल बढ़ जायेगी. ये बातें एपिक शिकागो के एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स में कही गयी है. एपिक शिकागो और सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) ने शनिवार को ‘वायु गुणवत्ता जीवन […]

कार्यशाला में बताया गया कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत हवा की क्वालिटी के मामले में शामिल शहरों में से एक पटना में हवा की क्वालिटी खराब होती जा रही है. एपिक शिकागो के एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स के अनुसार अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन के पीएम 2.5 से संबंधित गाइडलाइन पूरे किये जाये, तो पटना सहित बिहार के लोगों काे बहुत फायदा होगा.
सीड की सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर अंकिता ज्योति ने बताया कि वायु प्रदूषण का सबसे अधिक असर बच्चे, बूढ़े व महिलाओं पर हो रहा है. मौके पर दक्षिण बिहार केंद्रीय विवि पटना में एनवायरामेंट साइंसेज के अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ प्रशांत सहित कई प्रमुख पर्यावरणविद, डॉक्टर, नीति-निर्माता और शिक्षाविद सहित पचास से अधिक लोग शामिल हुए.