पटना : राज्य सरकार जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत निर्धारित की गयी सभी योजनाओं पर अगले तीन वित्तीय वर्ष में 24,524 करोड़ खर्च करेगी. दो अक्तूबर से मिशन मोड में आरंभ हो रहे इस अभियान पर 2019-20 में 5,870 करोड़, 2020-21 में 9,874 करोड़ और 2021-22 में 8,780 करोड़ खर्च किये जायेंगे.
इसके तहत संचालित होने वाली योजनाओं की समुचित मॉनीटरिंग के लिए अलग से एक मिशन का गठन किया जायेगा. इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी होंगे. जबकि, सदस्य के तौर पर 15 विधायक व 5 विधान पार्षद शामिल होंगे.
बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगी. कैबिनेट की बैठक में 15 मुख्य एजेंडों पर भी मुहर लगी है. मिशन में कई विषयों के विशेषज्ञ भी बहाल होंगे, जो विभिन्न विषयों पर कार्ययोजना तैयार करेंगे. बिहार विकास मिशन की शासी निकाय इस अभियान की पूरी मॉनीटरिंग करेगी. कैबिनेट सचिव संजय कुमार ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक राज्य स्तरीय परामर्शदात्री समिति बनायी गयी है, जिसकी अध्यक्षता संसदीय कार्य मंत्री करेंगे. इसमें विधानसभा के अध्यक्ष की तरफ से मनोनीत किये गये 15 विधायक व पांच एमएलसी बतौर सदस्य के अलावा ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव सदस्य सचिव होंगे.
इसके अलावा जिला स्तर पर भी एक कमेटी बनायी गयी है, जिसके संयोजक डीएम होंगे. जिला स्तर पर डीडीसी की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति बनयी गयी है, जो यह देखेगी कि कहां चेक डैम, वियर या ऐसी अन्य संरचनाओं को बनाने की जरूरत है. लघु जल संसाधन विभाग के अंतर्गत जल-जीवन-हरियाली अभियान के क्रियान्वयन के लिए बिहार आकस्मिक निधि से 100 करोड़ स्वीकृत की गयी है.
कैबिनेट : अन्य महत्वपूर्ण फैसले
बागवानी विकास कार्यक्रमों के लिए राज्य स्कीम मद से मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 6,225 करोड़ की स्वीकृति, ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता बद्री प्रसाद साह पर फिर से विभागीय कार्यवाही संचालित करने की मंजूरी, राज्य के 24 जिला मुख्यालयों में 123 करोड़ की लागत से जिला पंचायत संसाधन केंद्र बनाये जायेंगे, 14 छोटे जिलों में प्रति भवन चार करोड़ की लागत से अपेक्षाकृत छोटे डीपीआरसी बनाये जायेंगे, बीपीएससी में सहायक निदेशक (सांख्यिकी) का एक पद सृजित किया गया है, बिहार तकनीकी सेवा आयोग नियमावली- 2019 में संशोधन किया गया है. आयोग के सचिव को 25 हजार, अध्यक्ष को एक लाख व इससे अधिक खर्च का अधिकार पूरे आयोग को दिया गया है, बेहतर पुलिसिंग के लिए 43 पुलिस अनुमंडलों में एसडीपीओ के पद का सृजन होगा.
अब एसपी भी चौकीदार को कर सकेंगे निलंबित
राज्य सरकार ने बिहार चौकीदार संवर्ग नियमावली, 2006 में एक अहम संशोधन किया है. इसके तहत अब जिलों में एसपी को भी चौकीदारों को निलंबित करने या अन्य लघु दंड देने का अधिकार दिया गया है. पहले सिर्फ डीएम के ही नियंत्रण में चौकीदार होते थे. उनका अधिकार यथावत रहेगा. विधि-व्यवस्था के समुचित संचालन के लिए सिर्फ एसपी को अतिरिक्त अधिकार दिया गया है.
