पटना : एनएचएआइ ने मांगी जमीन की जानकारी

पटना : पटना-बक्सर फोरलेन को लेकर एनएचएआइ ने राज्य सरकार से 15 दिनों में जमीन अधिग्रहण की जानकारी मांगी है. 1817 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को पूरी होने की समय सीमा 2024 है. कुल 125 किलोमीटर की इस परियोजना का काम तीन भाग में होना है. पहले भाग में पटना से कोइलवर […]

पटना : पटना-बक्सर फोरलेन को लेकर एनएचएआइ ने राज्य सरकार से 15 दिनों में जमीन अधिग्रहण की जानकारी मांगी है. 1817 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को पूरी होने की समय सीमा 2024 है. कुल 125 किलोमीटर की इस परियोजना का काम तीन भाग में होना है. पहले भाग में पटना से कोइलवर तक 33 किलोमीटर के लिए 165 हेक्टेयर, दूसरे भाग में कोइलवर से आरा तक 44 किलोमीटर के लिए 199 हेक्टेयर और तीसरे भाग में आरा से बक्सर 48 किलोमीटर के लिए 193 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है.
सूत्रों का कहना है कि पटना-कोइलवर खंड में शिवाला से बिहटा के बीच जमीन अधिग्रहण में परेशानी थी. इसलिए, करीब 18 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क बनाने का निर्णय हुआ. करीब दो हजार करोड़ की लागत से बनने वाली यह सड़क 2022 तक बनकर तैयार होगी. इस सड़क में दानापुर में स्टेशन के पास और एयरपोर्ट के पास रैंप बनेगा. इस सड़क को बिहटा के आगे कोइलवर सड़क से जोड़ दिया जायेगा. कोइलवर से बक्सर तक फोरलेन बनाने के लिए 55 गांवों के 2095 किसानों की भूमि अधिग्रहण की जानी थी. इसमें से करीब 65 फीसदी जमीन मालिकों को मुआवजा मिल सका है. ऐसे में सड़क बनाने वाली एजेंसीको पूरी जमीन भी नहीं मिल सकी है.
प्रधानमंत्री ने किया था शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 अगस्त, 2015 को आरा के रमना मैदान में आयोजित समारोह में पटना-बक्सर फोरलेन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था. साथ ही इसे तीन सालों में पूरी करने की समय सीमा निर्धारित की थी. ऐसे में शिलान्यास के चार सालों बाद भी यह परियोजना भूमि अधिग्रहण की समस्या से जूझ रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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