80 प्रतिशत उपस्थिति के बाद ही छात्रों को परीक्षा में बैठने का मिलेगा मौका
पटना : आइटीआइ के छात्र बिना क्लास किये परीक्षा में नहीं बैठ पायेंगे. श्रम संसाधन विभाग ने सभी सरकारी व निजी संस्थानों में 80 प्रतिशत बायोमीटरिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है.
अगले दो माह के अंदर सभी आइटीआइ में इसे लागू करना है. वरना सरकारी आइटीआइ के प्राचार्यों पर नियम के अनुसार विभाग कार्रवाई करेगा. वहीं, निजी आइटीआइ की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा केंद्र सरकार से की जायेगी. बिहार में प्राइवेट 1062 व सरकारी 149 आइटीआइ है, जहां छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.
उपस्थिति की सीसीटीवी से होगी निगरानी : छात्र अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, इसकी रैंडम जांच होगी. इसके लिए विभाग सीसीटीवी कैमरे से निगरानी कर छात्रों पर दबाव बनायेगी. जिन आइटीआइ में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होंगे. उनको बायोमीटरिक के पास लगाना होगा. साथ ही विभाग जब भी जिस भी आइटीआइ से सीडी का डिमांड करेगा. उसे विभाग को देना होगा.
प्राचार्य व कर्मचारियों पर भी रहेगी निगाह : अब किसी भी आइटीआइ के प्राचार्य व कर्मचारियों के वेतन का भुगतान बायोमीटरिक उपस्थिति के आधार पर ही करने का निर्णय लिया गया है़ ताकि, कोई अधिकारी, कर्मचारी अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित नहीं हो सके. हाल के दिनों में कई सरकारी आइटीआइ से शिकायत मिली है कि कर्मचारी, अधिकारी व प्राचार्य तक समय से पहले संस्थान छोड़कर निकल जाते है.
संस्थानों पर लगेगी नकेल
आइटीआइ सेंटरों से शिकायत मिली है कि छात्रों की नियमित पढ़ाई नहीं होती है. संस्थान परीक्षा के समय छात्र का फॉर्म भरा देते है. ऐसे संस्थानों पर नकेल लगेगी.
विजय कुमार सिन्हा, मंत्री, श्रम संसाधन विभाग
