अनुपम कुमार, पटना : बिहटा एयरपोर्ट का वर्तमान रनवे नौ हजार फुट है. एयरबस 320 और बोईंग 737 जैसे विमान तो इतने लंबे रनवे में बिना अधिक मशक्कत के उतर सकते हैं, लेकिन बोईंग 777 और एयरबस 321 जैसे बड़े विमानों के लिए यह रनवे पर्याप्त नहीं है.
बड़े विमान इतने छोटे रनवे पर न तो फुल लोड लेकर उड़ सकते हैं और न ही बिना ब्रेक का इस्तेमाल किये उतर सकते हैं. ऐसे में जरूरत को देखते हुए एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने राज्य सरकार के अाग्रह के बाद भी रनवे के विस्तार के लिए भूमि की मांग में कमी नहीं की है.
वह अभी भी 156 एकड़ के अपनी पुरानी मांग पर कायम है. पिछले पखवाड़े एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने इस आशय के साथ इसे दोहराया कि यदि इतनी भूमि मिल जाती है तो यहां के रनवे की लंबाई दो हजार फीट और बढ़ जायेगी और यह सब मिला कर 11 हजार फीट हो जायेगी जिस पर बड़े विमान बिना लोड कम किये और ब्रेक के इस्तेमाल के उतर सकेंगे.
201 एकड़ भूमि मिले तो उतरेंगे जंबो जेट
लगभग दो वर्ष पहले बिहटा एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने राज्य सरकार को दो प्रस्ताव दिया था. इसमें एक प्रस्ताव 201 एकड़ जमीन का था. इसके मिलने पर रनवे की लंबाई तीन हजार फुट बढ़ायी जा सकती है और यह सब मिला कर 12 हजार फुट हो जायेगी.
इतने लंबे रनवे पर जंबो जेट भी आसानी से फुल लोड लेकर उतर सकता है. दूसरा प्रस्ताव 156 एकड़ भूमि का था. लेकिन राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए इतनी अधिक भूमि अधिग्रहण को मुश्किल बताया और एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया से पुनर्विचार कर भूमि की मांग कम कर प्रस्ताव देने को कहा था.
लेकिन जरूरत को देखते हुए पिछले दिनों एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने पुराने प्रस्ताव को ही दुहरा दिया है. राज्य सरकार ने इस संबंध में बिहटा एयरफोर्स बेस के अधिकारियों से भी रनवे विस्तार का संभावित मैप मांगा है और पिछले सप्ताह स्थानीय अंचलाधिकारी से रनवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर देने को भी कहा गया है.
