मिनरल वाटर बनाने वाली 32 कंपनियों को नोटिस

पटना : बारिश के अभाव के चलते प्रदेश में भू-जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. इस बात के मद्देनजर राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने प्रदेश भर में बिना अनुमति और पंजीयन के चल रही 32 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिट को नोटिस जारी किया है. यूनिट संचालकों को पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने हिदायत दी […]

पटना : बारिश के अभाव के चलते प्रदेश में भू-जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. इस बात के मद्देनजर राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने प्रदेश भर में बिना अनुमति और पंजीयन के चल रही 32 पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिट को नोटिस जारी किया है.
यूनिट संचालकों को पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने हिदायत दी है कि वे यूनिट संचालक और स्थापना के लिए उन्हें अनुमति लेनी चाहिए. दरअसल, बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि ये सभी यूनिटें भूजल का अंधाधुंध दोहन कर रही हैं. इससे भूजल स्तर में अप्रत्याशित गिरावट देखी जा रही है. नोटिस जारी हुए 32 में से सर्वाधिक 21 यूनिट मुजफ्फरपुर और 6 यूनिट पटना जिले की हैं. इसके अलावा वैशाली में तीन, कैमूर और नालंदा में एक-एक यूनिट बिना अनुमति के संचालित मिली हैं. समूचे प्रदेश मेें पॉल्यूशन बोर्ड इस तरह की पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की यूनिट को तलाशने के लिए सर्वे कर रहा है.
पटना की प्रमुख यूनिटें, जिन्हें नोटिस दिये गये हैं
प्रभाष विवरेज एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, गौनपुरा, पटना
सफा एक्वा वाटर, नया टोला, फुलवारीशरीफ
एसीएस विवरेज एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड, उद्यम बिहार, मनेर
आरएम विवरेज इंडस्ट्रीज, कंकड़बाग
कार्तिक विवरेज प्राइवेट लिमिटेड, पत्थर की मस्जिद, महेंद्रू
आदित्य एक्वा फ्रेश, नौबतपुर, पटना
व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए बिना अनुमति के संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिट्स की पहचान की जा रही है. फिलहाल अब तक 32 ऐसी यूनिटों का पता चला है. उन्हें नोटिस दिया गया है. उनके जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है. हालांकि, ये एक सच्चाई है कि भूजल के व्यावसायिक दोहन से जल स्तर गिर रहा है.
आलोक कुमार, सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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