सुबोध कुमार नंदन
पटना : राज्य के लगभग 33 हजार होमगार्ड जवानों को पहली सितंबर से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (इपीएफओ) की सामाजिक सुरक्षा का फायदा मिलेगा. सोमवार को होमगार्ड और इपीएफओ के अफसरों की उच्चस्तरीय बैठक में इस पर सहमति बनी. बैठक में होमगार्ड विभाग से डीआइजी पंकज सिन्हा और इपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त-1 राजेश पांडेय ने भाग लिया.
इपीएफओ के दायरे में आने के बाद होमगार्ड जवानों को रिटायर होने के बाद पीएफ व बीमा के अलावा कम-से-कम एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल सकेगी.
इपीएफओ के अपर केेंद्रीय आयुक्त (बिहार- झारखंड) राजीव भट्टाचार्या ने बताया कि इसके लिए कई स्तर पर प्रयास किया गया. इसमें अपर मुख्य सचिव (गृह) ने काफी सहयोग दिया. इसी का परिणाम है कि लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे होमगार्ड जवानों को सामाजिक सुरक्षा मिली है. अब होमगार्ड जवानों को पीएफ, पेंशन और कर्मचारी बीमा का भी लाभ मिलेगा.
उन्होंने बताया कि इसके लिए जिलावार जवानों का निबंधन किया जायेगा और उसके बाद उन्हें यूएएन नंबर जारी किया जायेगा. एक सितंबर से निबंधन शुरू होने के बाद 15 अक्तूबर से अंशदान इपीएफओ कार्यालय के खाते में आ जायेगा. भट्टाचार्या ने बताया कि होमगार्ड जवान को भी वेतन का 12% अंशदान देना अनिवार्य होगा. इतना ही अंशदान सरकार करेगी.
उन्हाेंने बताया कि इपीएफओ का प्रयास है कि सरकारी विभाग के तहत काम कर रहे तमाम कर्मचारियों को इपीएफओ के दायरे में लाया जाये. इसके लिए राज्य सरकार के स्तर पर बात चल रही है. सरकार भी अधिक-से-अधिक कर्मचारियों को इपीएफओ के दायरे में लाकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने में विशेष रुचि ले रही है. बिहार में फिलहाल 6,54,114 कर्मचारी इपीएफओ के सदस्य हैं.
रिटायरमेंट के बाद मिलेंगे ये लाभ
पीएफ, पेंशन (न्यूनतम Rs 1000 मासिक) और बीमा के तहत छह लाख रुपये
जवानों के वेतन से 12% राशि ली जायेगी, जबकि 12 % राशि सरकार जमा करेगी
