कार्यपालक सहायक पैनल की बहाली की मांग
पटना : बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (बीपीएसएम) से बनी कार्यपालक मेधा सूची के तहत बहाली को मांग को लेकर शुक्रवार को गर्दनीबाग धरना स्थल पर तीसरे दिन भी कार्यपालक सहायक छात्रों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है.
आइसा इनके आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा है अनशनकारियों की हालत दिन प्रतिदिन नाजुक होते जा रही है, आइसा राज्य सह सचिव आकाश कश्यप ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गहरी नींद में सोयी है. सीएम आवास से कुछ दूरी पर छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं लेकिन सरकार का कोइ बड़ा अधिकारी जानने तक नहीं आया है.
जो मेधा सूची बनायी है उससे बहाल करें : छात्रों की मांग यही है कि बीपीएसएम ने जो मेधा सूची बनाया है उससे छात्रों को बहाल करे. क्योंकि बीपीएसएम ने तमाम परीक्षा में पास लोगों का पैनल बनाया है तो छात्र इसके हकदार हैं.
अब सरकार द्वारा जो एकाएक यह फैसला लिया गया है कि छात्रों का पैनल में बचे छात्र को बेल्टरॉन के माध्य्म से बहाल करेंगे और कई जिले के पैनल को रद्द करने का निर्णय लिया है. यह फैसला उचित और सही नहीं है छात्रों का जो अधिकार है कि बीपीएसएम से ही बहाल हो तो उस अधिकार से वंचित करने के फैसले के खिलाफ आइसा लगातार आंदोलनकारियों के साथ है. जब तक इनकी जो उचित मांग पूरी नहीं हो जाती है.
बेल्ट्रॉन की प्रक्रिया से निजीकरण को बढ़ावा
आकाश ने कहा कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से बहाल करने की प्रक्रिया पूरी तरह निजीकरण और ठेका प्रणाली को बढ़ावा देने का है जिसे आइसा बर्दाश्त नहीं करेगा. सरकार जल्द से जल्द छात्रों की मांग को पूरा करे क्योंकि अनशनकारियों की हालात बिल्कुल नाजुक होते जा रही है. भूख हड़ताल पर छात्र मोहम्मद अकरम, सुमित झा, सद्दाम, परवीन कुमार पंडित, रंजीत कुमार यादव अनशन स्थल पर हैं.आइसा नेता टिंकू कुमार, एनएन झा, मुकेश कुमार, धीरेंद्र मिश्रा, नीरज झा, कनक कुमार, चंदन कुमार, नीरज गुप्ता, राहुल कुमारसहित सैकड़ों छात्र तीन दिनों से डटे हैं.
