राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा मेमोरेंडम
पटना : राज्य सरकार ने इस साल अब तक प्रदेश में बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से 2,700 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है.
राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को शुक्रवार को इस आशय का मेमोरेंडम सौंप दिया. प्रारंभिक आकलन में 2,700 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता की मांग की गयी है. इसमें 1,555 करोड़ रुपये ग्रेच्युटस रिलीफ के मद के हैं.
इस मद में सरकार ने बाढ़ग्रस्त इलाके के पीड़ित परिवारों को छह-छह हजार रुपये अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराया है. यह सिर्फ प्रारंभिक आकलन है. राज्य सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव एम रामचंद्रुडू ने गृह मंत्रालय को मेमोरेंडम सौंपा है.
सरकार ने अपने मेमोरंडम में कहा है कि नेपाल से आने वाले पानी से राज्य के बाढ़ग्रस्त इलाकों में बड़े पैमाने पर नहर व तटबंध, सड़क, फसल व मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. इसके लिए जल संसाधन विभाग ने 306 करोड़, कृषि विभाग ने 350 करोड़ और पथ निर्माण विभाग ने 200 करोड़ रुपये की सहायता की मांग की है. आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने इसकी पुष्टि की.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि वह बाढ़ से हुई क्षति का आकलन के लिए तत्काल एक टीम बिहार भेजी जाये. प्रावधानों के मुताबिक राज्य सरकार के मेमोरेंडम के बाद केंद्र सरकार अपनी टीम भेजती है. टीम इलाके का जायजा लेने के बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपती है.
रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार सहायता देने का निर्णय लेती है. राज्य सरकार ने ज्ञापन में अनुग्रह अनुदान का जिक्र किया है. ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार ने अपने स्तर पर अब तक 1,555 करोड़ रुपये इस मद में बाटे हैं. प्रत्येक परिवार को ग्रेच्युटस रिलीफ के तौर पर छह-छह हजार रुपये उनके खाते में भेजे गये हैं.
प्रत्येक परिवार को ग्रेच्युटस रिलीफ के तौर पर छह-छह हजार रुपये उनके खाते में भेजे गये हैं. गौरतलब है कि राज्य के 13 जिलों मेें करीब 20 लाख परिवार बाढ़ से पीड़ित हुए हैं.
किस मद में कितनी सहायता मांगी
अनुगग्रह अनुदान 1555 करोड़
जल संसाधन 306 करोड़
पथ निर्माण 200 करोड़
कृषि विभाग 350 करोड़
