रविशंकर उपाध्याय
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राज्य कार्यालय के प्रस्ताव पर किया यह फैसला
पटना : राज्य के सभी 38 जिलों में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआइसी) के अस्पताल खुलेंगे. भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राज्य कार्यालय के प्रस्ताव पर यह फैसला किया है. इन सभी अस्पतालों का संचालन इएसआइसी मुख्यालय ही करेगा. हरेक अस्पताल में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट के साथ ब्रांच मैनेजर काम करेंगे.
इसके साथ ही प्रशासनिक कार्यों के लिए अपर डिविजन क्लर्क यानी यूडीसी, असिस्टेंट और मल्टीटास्किंग स्टाफ की बहाली होगी. इस फैसले के बाद अस्पताल भवन किराये पर लेने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. हरेक अस्पताल 2500 वर्गफीट में फैला होगा.
16 जिलों में जगह मिल गयी है. अभी अररिया, बांका, मधेपुरा, नवादा, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, सीवान, शेखपुरा, किशनगंज, पश्चिमी चंपारण, लखीसराय, शिवहर, सहरसा, औरंगाबाद, सुपौल, बक्सर, खगड़िया, सासाराम, पूर्वी चंपारण, अरवल और गोपालगंज में जगह तलाशने के लिए टेंडर जारी हो गया है.
स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट की बहाली कर दी गयी है, जिन्हें अभी संबंधित जिलों में काम कर रही इएसआइ की डिस्पेंसरी में प्रतिनियुक्ति का निर्देश जारी किया गया है. सभी 38 जिलों में अस्पताल के खुल जाने से इएसआइसी से संबद्ध राज्य के 6.5 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.
अभी 17 अस्पतालों का संचालन करती है राज्य सरकार
अभी इएसआइसी के राज्य में कुल 17 अस्पताल हैं, जिनका संचालन राज्य सरकार करती है. इनमें फुलवारी शरीफ स्थित आदर्श अस्पताल, कंकड़बाग, पाटलिपुत्र, बिहटा, दीघा, पटना सिटी, बिहारशरीफ, मुंगेर, भागलपुर, कहलगांव, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, कटिहार, गया, रोहतास और हाथीदह शामिल हैं. इन सभी अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ स्टाफ की नियुक्ति राज्य
सरकार ही करती है और राज्य
सरकार का ही कंट्रोल होता है, हालांकि इसके लिए राशि श्रम एवं रोजगार
मंत्रालय भारत सरकार ही जारी करती है. इन सभी अस्पतालों में सेवा मिलने में लगातार आ रही शिकायतों के मद्देनजर
केंद्र सरकार ने हर जिले में नये अस्पताल खोलने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. जिस पर पूरी तरह कंट्राेल केंद्र सरकार का ही होगा.
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार ने बिहार के सभी 38 जिलों में स्पेशल अस्पताल खोलने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है, इसके बाद अस्पताल खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. 16 जिलों में जगह भी मिल गयी है. 22 जिलों के लिए टेंडर जारी हुआ है. लक्ष्य है कि दो महीने में सभी अस्पताल काम करें.
-अरविंद कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, बिहार
