सूबे की सरकार न्याय के साथ विकास के लिए प्रतिबद्ध
मसौढ़ी : पुनपुन के लोगों का एहसान हम ताउम्र नहीं भूलेंगे. हम आज जो भी हैं, पुनपुन के लोगों का इसमें बहुत बड़ा योगदान है. उक्त बातें गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुनपुन स्थित सोमवती महताब दास महाविद्यालय के प्रांगण में अपनी उपस्थिति में महादलित बुजुर्ग सूरज मांझी द्वारा झंडोत्तोलन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहीं.
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से कहा कि पुनपुन नदी पर लक्ष्मण झूले के तर्ज पर बनने वाले सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू होने वाला है.
उन्होंने कहा कि पुनपुन के लोगों ने हमें एक बार नहीं पांच-पांच बार सांसद चुना, इस दौरान लोगों के हित में किये गये विकास कार्य की बदौलत आज मेरी पहचान बनी और बीते 14 वर्षों से सूबे का विकास कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार न्याय के साथ विकास यानी हर तबके के विकास के प्रति कटिबद्ध है. जल, जीवन, हरियाली पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन हो रहा है, पहले झारखंड के अलग होने के बाद सूबे में मात्र नौ प्रतिशत हरियाली बची थी. हम लोग प्रयास कर इसे 15 प्रतिशत तक ले आये हैं.
उन्होंने लोगों से कहा कि पानी को बर्बाद मत कीजिए. सरकार इसके प्रति गंभीर है और गंभीरता से जल, जीवन, हरियाली पर काम हो रही है . मुख्यमंत्री ने सभा में उपस्थित महिलाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप लोगों ने 9 जुलाई, 2015 को हमसे शराबबंदी का आग्रह किया था. आपके आग्रह के बाद ही हमने शराबबंदी जैसा फैसला लिया है और अभी तक इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं. झंडोत्तोलन करने वाले महादलित बुजुर्ग सूरज मांझी, सांसद रामकृपाल यादव, जिला परिषद अध्यक्ष अंजू देवी व लखनपार पंचायत के मुखिया नागा राम ने भी संबोधित किया.
अध्यक्षीय भाषण जिलाधिकारी कुमार रवि ने दिया. मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव मनीष वर्मा, आयुक्त आनंद किशोर, अपर पुलिस महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार, वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक, उपविकास आयुक्त सुहर्ष भगत, पुनपुन प्रखंड प्रमुख गुड़िया कुमारी, मुखिया सतगुरु प्रसाद, को-ऑपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष राजीव कुमार गांधी, सुदन सिंह, पैक्स अध्यक्ष शैलेश पटेल, मनीष कुमार, नीरज पटेल, मंटू कुमार समेत अन्य मौजूद थे.
पुनपुन प्रखंड के चिनियाबेला निवासी दिवंगत कामेश्वर सिंह की पुनपुन बांध स्थित आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्य समारोह में जाने के पूर्व मुख्यमंत्री का काफिला उनकी प्रतिमा के पास रुका . वे वहां उतर पहले कामेश्वर सिंह के अनुज सुदन सिंह व उनके परिजनों से मिले. फिर श्रद्धांजलि अर्पित कर मुख्य समारोह के लिए रवाना हो गये.
महादलित समाज को मुख्य धारा में लाना है
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के सबसे निचले पायदान पर रहने वाले महादलित द्वारा झंडोत्तोलन कराने के पीछे सरकार की सोच है कि उस समाज को भी मुख्य धारा में लाया जा सके. इसमें हमलोग काफी हद तक सफल भी हैं.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 के 15 अगस्त से शुरू हुआ यह कार्यक्रम अनवरत चल रहा है और इस दिन के अलावे गणतंत्र दिवस को महादलित टोले में किसी एक बुजुर्ग द्वारा झंडोत्तोलन कराया जाता है. इसी सिलसिले में मैं खुद पटना के आसपास किसी महादलित टोले में जाता हूं.
जितने भी मंत्री हैं सभी अपने-अपने प्रभार वाले जिले में जाते हैं और अपनी मौजूदगी में किसी महादलित से झंडोत्तोलन कराते हैं. मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से कहा कि पुनपुन नदी पर लक्ष्मण झूले के तर्ज पर बनने वाले सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू होने वाला है, इसकी सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. उन्होंने कहा कि इसके निर्माण की मांग यहां के लोगों की बहुत पुरानी थी.
