एसएसपी ने लगायी क्लास तो पांच घंटे बाद पहुंची परसा पुलिस

पटना : मंगलवार को एसएसपी गरिमा मलिक ने परसा थानाध्यक्ष संजय कुमार की जब क्लास लगायी, तो पांच घंटे बाद विवाद की जांच करने के लिए पुलिस पहुंची. अगर थोड़ी देर और हो जाती तो दोनों पक्षों में खूनी भिड़ंत होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता था. मामला परसा थाने के दरियापुर […]

पटना : मंगलवार को एसएसपी गरिमा मलिक ने परसा थानाध्यक्ष संजय कुमार की जब क्लास लगायी, तो पांच घंटे बाद विवाद की जांच करने के लिए पुलिस पहुंची. अगर थोड़ी देर और हो जाती तो दोनों पक्षों में खूनी भिड़ंत होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता था. मामला परसा थाने के दरियापुर कुरथौल रोड का है.

वहां सुबह से ही दो पक्षों के बीच तनाव था. एक पक्ष की ओर से विनोद प्रसाद सिंह, कुशल मंगल सिंह, गीता देवी, गोपाल कुमार, राजन कुमार, संधीर कुमार सिंह, इंद्रजीत कुमार आदि ने अपने हस्ताक्षर कर अपना एक आवेदन मंगलवार की सुबह नौ बजे परसा थानाध्यक्ष संजय कुमार को सौंपा था और यह आरोप लगाया था कि दरियापुर कुरथौल रोड में सरकारी अलंग पर अवैध रूप से मंदिर निर्माण कराया जा रहा है, जबकि उस रास्ते से कई लोगों का आना-जाना लगा रहता है. उन लोगों द्वारा कानूनी कार्रवाई किये जाने की गुहार लगायी गयी थी. लिखित शिकायत देने के बाद सभी लोग वापस लौट गये.
इसी बीच दूसरे पक्ष द्वारा मंदिर निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाने लगी. इसके बाद लोगों ने परसा पुलिस को वहां आने व कार्रवाई करने की गुहार लगायी और कई बार फोन किया. लेकिन पुलिस की कोई गश्ती टीम पांच घंटे तक नहीं पहुंची. इसी बीच उन लोगों ने एसएसपी गरिमा मलिक को पूरे मामले की जानकारी दे दी.
इसे एसएसपी ने काफी गंभीरता से लिया और परसा थानाध्यक्ष संजय कुमार की क्लास ली. इसके बाद परसा पुलिस आनन-फानन में वहां दो बजे दिन में पहुंची और दोनों पक्षों को थाना ले गयी, जहां मामले को सीओ के पास भेजने की जानकारी दोनों पक्षों को परसा थानाध्यक्ष ने दी. दोनों पक्षों में जो तनाव था, वह फिलहाल शांत हो गया.
उठ रहे सवाल
इस तरह की घटनाएं हमेशा सामने आती रहती हैं. स्थानीय पुलिस इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेती है, जिसका नतीजा यह होता है कि आपस में मारपीट हो जाती है और यहां तक की हत्या तक हो जाती है. परसा में भी इसी तरह का तनाव था. लेकिन एसएसपी ने जब गंभीरता से लेते हुए परसा थानाध्यक्ष संजय कुमार की क्लास लगायी, तो एक बड़ी घटना होने से बच गयी.
आमतौर पर किसी घटना के होने के बाद पुलिस की आंख खुलती है, जबकि अगर समय रहते अगर पुलिस की ओर से कार्रवाई कर दी जाये, तो घटनाओं को होने से रोका जा सकता है. मामले के बाद अब यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर एसएसपी या अन्य वरीय अधिकारियों के आदेश के बिना स्थानीय पुलिस स्वत: क्यों कार्रवाई नहीं करती है?

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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