स्टेट लेवल मीटिंग में सामने आया मामला, वरिष्ठ अफसरों को कराया अवगत
पटना : जिले में कुछ ऐसे भी उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय हैं, जहां सुरक्षा के समुचित बंदोबस्त नहीं है. इसलिए वहां के प्राचार्य स्मार्ट क्लास के लिए 54 इंच की कीमती एलइडी टीवी खरीदने में संकोच कर रहे हैं. उन्होंने अपने अंदेशा से वरिष्ठ अफसरों को अवगत करा दिया है. राज्य शिक्षा परियोजना के निदेशक की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में यह जानकारी अधीनस्थ अफसरों ने शीर्ष अफसरों से साझा भी की.
जानकारों के मुताबिक चूंकि अधिकतर उत्क्रमित विद्यालय दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र में हैं. वहां के स्कूलों में न ग्रिल लगी हैं , न वहां के मजबूत दरवाजे ही हैं.ऐसे में इतनी महंगी टीवी लगाना जाेखिम भरा हो सकता है.
हालांकि शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे असुरक्षित स्कूल पांच हजार रुपये के मानदेय पर आदेश पाल या रात्रि प्रहरी रख सकते हैं. हालांकि यह मानदेय प्राचार्यों को स्कूल की विकास मद से देना होगा. उत्क्रमित विद्यालयों के सामने संकट ये है कि चूंकि ये विद्यालय हाल ही में उत्क्रमित हुए हैं, इसलिए उनकी विकास निधि इतनी नहीं है कि वह आदेश पाल और रात्रि प्रहरियों को वेतन दे सके.
हालांकि शिक्षा विभाग के अफसरों ने कहा कि स्मार्ट क्लास तो हर हाल में चलानी होगी. प्राचार्य देखें कि वो कैसे सुरक्षित स्मार्ट क्लास चला सकते हैं. पटना जिले में 233 विद्यालयों को स्मार्ट क्लास के लिए पैसा दिया गया है. इनमें 111 ने टीवी आदि संसाधन खरीद लिये हैं. 91 में स्मार्ट क्लास संचालित की जा रही हैं. शेष स्कूलों को 10 अगस्त तक का समय दिया गया है.
