परिजनों ने इलाज में लगाया लापरवाही का आरोप
नवजात बच्चे की स्थिति गंभीर थी : डॉक्टर
पटना सिटी : नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु रोग विभाग में स्थित नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई निक्कू में भर्ती नवजात की मौत पर परिजनों ने हंगामा मचाया. परिजनों का आरोप है कि गलत दवा पड़ने की वजह से नवजात का शरीर नीला पड़ गया, चिकित्सकों ने उपचा में कोताही बरती है. जिससे यह स्थित बनी है.
निक्कू के हंगामा पर उतरे परिजनों में मृतक नवजात के पिता व दानापुर निवासी रवि उपाध्याय व दादा अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि बीते पांच अगस्त को अस्पताल के गायनी विभाग में पत्नी राधिका देवी को भर्ती कराया था. शाम में भर्ती कराने के उपरांत रात को उसने एक बच्चे को जन्म दिया. बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, इस वजह से शिशु रोग विभाग के निक्कू में भर्ती कराया गया.
पिता रवि की मानें तो बुधवार को तड़के चार बजे तक बच्चे के बारे में पूछा तो कहा गया कि बच्च ठीक है, सात बजे बताया गया कि बच्च मर गया है. बच्चे का शरीर भी नीला पड़ा था. ऐसे में गलत दवा चलाने की बात परिजन कह रही है. इसी बीच हंगामा की सूचना मिलने पर विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह ने परिजनों को बुलाया, जहां कक्ष में भी परिजनों ने हंगामा किया.
हालांकि बाद में डॉक्टरों की ओर से समझाये जाने के बाद परिजन शांत हुए और नवजात का शव लेकर चले गये. इस संबंध में विभागाध्यक्ष का कहना है कि नवजात बच्चे की स्थिति गंभीर थी, नवजात का खुद उपचार किया, वेटिंलेंटर पर भी रखा गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने की वजह से वह नहीं बच सका.
