9वीं से 12वीं तक के हर छात्र को मिलेगा लाॅग इन का अधिकार
नौ अगस्त को शिक्षा मंत्री करेंगे लांच
पटना : कैरियर पोर्टल छात्रों के नामांकन, छात्रवृत्ति व नौकरी ढूंढ़ने में मदद करेगा. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौवीं से 12वीं तक के हर छात्र को इस पोर्टल पर लांग इन का अधिकार होगा.
इसके लिए विद्यालय में छात्र के पंजीकरण आइडी को लॉग इन आइडी के रूप में इस्तेमाल किया जायेगा. एंड्रायड मोबाइल के माध्यम से छात्र आसानी से इस पोर्टल से जानकारी ले सकेंगे. नौ अगस्त को शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा पटना के एक होटल में आयोजित समारोह में इसका उद्घाटन करेंगे.
पोर्टल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि छात्र द्वारा उसे खोलते ही नामांकन, छात्रवृत्ति और नौकरी के विकल्प आयेंगे. नामांकन वाले विकल्प पर क्लिक करते ही छात्र के सामने उच्चतर शिक्षा के विषयों से संबंधित कई विकल्प आयेंगे और अपने रुचि के क्षेत्र का चुनाव करते ही उस विषय से संबंधित देश के सभी बड़े कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों का विवरण आ जायेगा.
उसमें यह भी उल्लेखित होगा कि संबंधित संस्थानों में पढ़ाई करने के लिए किस तरह से छात्रवृत्ति पायी जा सकती है. जॉब वाले विकल्प पर क्लिक करने पर नौकरी के पूरे देश में उपलब्ध अवसरों का विवरण स्क्रीन पर आ जायेगा.
पहले चरण में 10वीं और 12वीं के बच्चों को मिलेगा लॉगइन आइडी : पहले चरण में 10वीं और 12वीं के बच्चों को लॉगइन आइडी मिलेगा. क्योंकि, 9वीं और 11वीं के बच्चों का पंजीकरण अभी चल ही रहा है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के स्टेट रिसोर्स पर्सन डॉ भारत भूषण ने कहा कि इनके पूरा होने के बाद बिहार बोर्ड की ओर से संबंधित आंकड़े फिल्टर कर उपलब्ध करवाये जायेंगे. उसके बाद उन्हें सर्वर में डालने का काम शुरू होगा, जिसके पूरा होने के बाद ही वे अपने पंजीकरण आइडी से लॉगइन कर कैरियर पोर्टल खोल सकेंगे.
10 अगस्त से शिक्षकों को दिया जायेगा प्रशिक्षण
लांचिंग के अगले दिन 10 अगस्त से हर जिले से दो-दो रिसोर्स टीचर को एक दिन का ऑनलाइन ट्रेनिंग दिया जायेगा, जिसमें यूनिसेफ बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की मदद करेगा. ये शिक्षक मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के एक-एक शिक्षक को प्रशिक्षण देंगे.
ये शिक्षक बच्चों को एक महीने तक लगातार कैरियर पोर्टल का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेंगे. उसके इस्तेमाल का तरीका सिखाने के साथ-साथ उसमें आनेवाली बाधाओं को दूर करने की जिम्मेदारी भी उन चयनित शिक्षकों की ही होगी. ऐसे प्रबंध इसलिए किये गये हैं. ताकि, बच्चे पोर्टल के इस्तेमाल के प्रति पूरी तरह सहज हो सकें.
