पटना : सरकार प्रदेश में दूध का न्यूनतम मूल्य तय करेगी. इसके लिए पशुपालकों और दूध उत्पादन समितियों व डेयरी संचालकों के साथ रायशुमारी की जायेगी. पशु चारा सहित अन्य बातों को ध्यान में रखकर सरकार मूल्य तय पर अंतिम फैसला लेगी. जल्द ही इस मामले में सभी पक्षों की बैठक होगी. राज्य के पशु एवं मत्स्य संसाधन सह कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने यह जानकारी दी.
मंगलवार को दूध उत्पादन क्षेत्रीय समिति के अध्यक्षों व सदस्यों तथा कंफेड के निदेशक मंडल के सदस्यों के साथ बैठक में मंत्री ने कहा कि राज्य में दूध के उत्पादन को दोगुना किया जायेगा. बैठक में कंफेड की प्रबंध निदेशक शिखा श्रीवास्तव, राज्य के डेयरी निदेशक एके झा, कंफेड के महाप्रबंधक राजीव वर्मा भी मौजूद थे. बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि पशुपालकों को दूध की उचित कीमत मिले इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है. हाल के वर्षों में पशुचारा की कीमत बढ़ी है, इनको ध्यान में रखकर समीक्षा होगी और इसके बाद दूध की न्यूनतम कीमत तय की जायेगी. सरकार पशुपालकों के हितों का ख्याल रखेगी.
अभी कंफेड के माध्यम से रोजाना 20 लाख लीटर दूध का कलेक्शन होता है, इसे बढ़ाकर चालीस लाख लीटर किया जाना है. अभी 40 हजार गांवों में 23 हजार दूध उत्पादन समितियां काम कर रही हैं, इसका भी विस्तार होगा. दूध और दुग्ध उत्पादों की और बड़े पैमाने पर मार्केटिंग होगी. युवाओं को इस काम से जोड़ा जायेगा, ताकि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नया अवसर पैदा हो सकें.
