पटना : एक लाख से शुरू होगी वाहनों के पसंदीदा नंबरों की नीलामी, बीपीएससी से एमवीआइ की नियुक्ति

हर पंचायत में एससी-एसटी के पांच लोगों को इ-रिक्शाें की खरीद पर 50% सब्सिडी पटना : अपने वाहनों के लिए पसंदीदा नंबरों की चाहत रखनेवालों को इसके लिए जेब अधिक ढीली करनी पड़ेगी. पसंदीदा नंबर अब नीलामी के माध्यम से प्राप्त किये जायेंगे. इसकी नीलामी की शुरुआत एक लाख रुपये से होगी. राज्य में मोटरवाहन […]

हर पंचायत में एससी-एसटी के पांच लोगों को इ-रिक्शाें की खरीद पर 50% सब्सिडी
पटना : अपने वाहनों के लिए पसंदीदा नंबरों की चाहत रखनेवालों को इसके लिए जेब अधिक ढीली करनी पड़ेगी. पसंदीदा नंबर अब नीलामी के माध्यम से प्राप्त किये जायेंगे. इसकी नीलामी की शुरुआत एक लाख रुपये से होगी.
राज्य में मोटरवाहन नियमावली में संशोधन करते हुए नीलामी वाले कुल 641 नंबरों की सूची जारी की गयी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य कैबिनेट की हुई बैठक में इसकी मंजूरी दी गयी. कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में 27 एजेंडों को मंजूरी दी गयी. कैबिनेट ने बिहार मोटरगाड़ी नियमावली 1992 के नियम 64 में संशोधन करते हुए निजी या व्यावसायिक वाहनों के लिए पसंदीदा नंबर चाहनेवाले के लिए सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था पर मुहर लगा दी है.
अब राज्य में कोई भी वाहन मालिक अपने दोपहिया वाहन छोड़कर किसी अन्य वाहनों के लिए पसंदीदा नंबर 0001, 0003,0005, 0007 व 0009 के लिए नीलामी की दर एक लाख रुपये से शुरू होगी. इन्ही नंबरों को कोई कमर्शियल वाहनों के लिए नीलामी करता है तो इसकी नीलामी की राशि 35 हजार से शुरू होगी. इसी तरह से 0002,004, 0006, 0008, 0010, 0011,0022 जैसे नंबरों के लिए निजी वाहनों के लिए नीलामी की न्यूनतम दर 75 हजार, जबकि कमर्शियल वाहनों के लिए 25 हजार निर्धारित की गयी है.
तीसरी कोटि के नंबर के लिए निजी वाहनों के लिए 50 हजार और कमर्शियल के लिए 20, जबकि चौथी कोटि के नंबरों के लिए निजी वाहनों की नीलामी 25 हजार से, जबकि कमर्शियल वाहनों के नंबरों की नीलामी 15 हजार से शुरू होगी. किसी व्यक्ति द्वारा इन नंबरों के अलावा अन्य कोई भी पसंदीदा नंबर की मांग करने पर 10 हजार देने होंगे.
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत हर पंचायत के पांच लाभुकों, जिनमें तीन एससी-एसटी व दो अत्यंत पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को इ-रिक्शा खरीद के लिए 50% या अधिकतम 70 हजार अनुदान दिये जाने पर सहमति दी गयी है. परिवहन विभाग में एमवीआइ की नियुक्ति अब बीपीएससी से होगी.

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