जांच में हो रहे खुलासे
पटना : सृजन घोटाला मामले में सीबीआइ को बेहद अहम जानकारी मिली है. इस मामले में एक अगस्त को चेन्नई से गिरफ्तार इंडियन बैंक के ब्रांच मैनेजर देव शंकर मिश्रा ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह आइएएस अधिकारियों के कहने पर सृजन सहकारिता समिति के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करते थे. इन अधिकारियों में भागलपुर के तत्कालीन डीएम भी शामिल हैं. दो आइएएस अधिकारियों समेत करीब आधा दर्जन पदाधिकारी सरकारी पैसे की इस हेराफेरी में उनके साथ शामिल थे. ये पदाधिकारी ही बैंक मैनेजर को बताते थे कि कब कितने पैसे सृजन के खाते में डालने की जरूरत है. फिर सरकारी बैंक खाते में कितना बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत है.
सरकारी खाते में कब कितने का चेक क्लियर होने के लिए आ रहा है, ताकि उसमें बैलेंस मेंटेन करके रखा जा सके. इन तमाम जानकारियों के आधार पर सीबीआइ संबंधित कुछ अधिकारियों और पदाधिकारियों से पूछताछ कर सकता है. इनसे पूछताछ करने के लिए जांच एजेंसी को मजबूत आधार मिल गया है. हालांकि, सीबीआइ के अधिकारी इस मामले में अभी ऐसी किसी बात से इन्कार करते हुए जांच जारी होने का ही हवाला दे रहे हैं. बैंक मैनेजर से मिले अहम सुराग की सीबीआइ अपने स्तर पर जांच कर रही है. इसके बाद अब जांच की जद में बचे हुए कुछ लोग भी आ सकते हैं.
नवरूणा हत्याकांड : फिर से हो सकती है पूछताछ
मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित नवरूणा हत्याकांड मामले में सीबीआइ कुछ लोगों से पूछताछ कर सकता है. इनमें कुछ हाइ प्रोफाइल भी हो सकते हैं. पूछताछ की यह प्रक्रिया कभी भी शुरू हो सकती है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, नवरूणा कांड में सीबीआइ जांच की प्रक्रिया को फिर से तेज करने की तैयारी में जुट गया है. इस मामले में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा लोगों गिरफ्तार किये जा चुके हैं.
