मानकों की कठोरता से होगी जांच
प्रधान सचिव संजय कुमार ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया
पटना : राज्य में निजी क्षेत्र में स्थापित होनेवाले निजी नर्सिंग स्कूलों व कॉलेजों के मानकों की कठोरता से जांच की जायेगी. स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल के दिनों में कराये गये निरीक्षण के दौरान कई नर्सिंग स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गयी है. विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी निजी नर्सिंग स्कूल या कॉलेज की मान्यता बिना पैरेंटल अस्पताल के नहीं दी जायेगी. निजी क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा के लिए मान्यताप्राप्त एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बीएससी नर्सिंग और एमएमसी नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं. नर्सिंग संस्थानों की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है. इसके लिए जीएनएम और उच्चतर प्रशिक्षण के लिए 100 बेड का पैरेंटल अस्पताल होना अनिवार्य है.
एएनएम के लिए 150 बेड वाले जिला अस्पताल या सेकेंड्री केयर अस्पताल तथा कम्युनिटी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अनुभव केलिए 30 और अधिकतम 50 बेड की क्षमता वाले ग्रामीण अस्पताल से संबद्धता होना आवश्यक है. एएनएम पाठ्यक्रम के लिए संस्थान के पास न्यूनतम 80 डिसिमिल जमीन और अन्य पाठ्यक्रमों के लिए 150 डिसिमिल जमीन होना आवश्यक है. साथ ही शैक्षणिक भवन, भूमि, छात्रावास से संबंधित दस्तावेज उस सोसाइटी, ट्रस्ट या कंपनी के पास होना चाहिए. लीज की स्थिति में 30 वर्षों का लीज होना चाहिए.
