पटना : बैंक इंप्लायज फेडरेशन, बिहार के अध्यक्ष बी प्रसाद ने कहा कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण जनता के संसाधनों को सुरक्षित करने एवं राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में उनका योगदान निर्धारित करने की नीयत से किया गया. लेकिन, अब बैंकों के निजीकरण की साजिश की जा रही है.
इसके खिलाफ संघर्ष को लेकर यूएफबीयू संकल्पित है. रविवार को एएन सिन्हा शोध संस्थान में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले बैंकों के राष्ट्रीयकरण के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित सेमिनार में यूनियन के संयोजक संजय कुमार सिंह ने बैंकों को निजीकरण के रास्ते पर धकेलने के साजिश की चर्चा करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को बचाने हेतु निजीकरण के खिलाफ यूएफबीयू के बैनर तले संयुक्त आंदोलन की जरूरत को रेखांकित किया
एआइबीइओ के राज्याध्यक्ष आलम हुसैन ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया, लेकिन आज इसे बैंक घाटे में चल रहे हैं, कह कर निजीकरण के रास्ते पर धकेलने का प्रयास किया जा रहा है. एआइबीओसी के महासचिव अजीत कुमार मिश्रा, उपमहासचिव आरके चटर्जी, जेपी दीक्षित, करूणा निधान आदि ने भी अपने विचार रखें.
