2011 की जनगणना में बिहार से बाहर पढ़ने वाली लड़कियों की संख्या बढ़ी, क्या कहते हैं समाजशास्त्री

पटना : शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ने से बिहार से बाहर पढ़ाई करने जाने वाली लड़कियों की संख्या में लड़कों के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है. खासकर 2011 जनगणना आंकड़ों के अनुसार 2001 की तुलना में शिक्षा के लिए लड़कियों के बिहार से बाहर जाने में यह वृद्धि लगभग 23 फीसदी है. वहीं, बिहार से दूसरे […]

पटना : शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ने से बिहार से बाहर पढ़ाई करने जाने वाली लड़कियों की संख्या में लड़कों के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है. खासकर 2011 जनगणना आंकड़ों के अनुसार 2001 की तुलना में शिक्षा के लिए लड़कियों के बिहार से बाहर जाने में यह वृद्धि लगभग 23 फीसदी है.
वहीं, बिहार से दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जाने वाली लड़कियों और महिलाओं की संख्या में करीब सात फीसदी की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, शिक्षा विभाग का कहना है कि बिहार में वर्ष 2005 में नीतीश सरकार बनने के बाद से शिक्षा के क्षेत्र में बहुत परिवर्तन हुए हैं.
कई नये संस्थान खोले गये हैं. साथ ही पढ़ाई के प्रति लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलायी गयी हैं. इनका असर नयी जनगणना में सामने आयेगा. शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राज्य में लड़कियों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, साइकिल-पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, मेधावृत्ति योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना आदि चलायी जा रही हैं. इनका असर भी दिखा है.
क्या कहते हैं समाजशास्त्री
समाजशास्त्री और एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक डॉ डीएम दिवाकर कहते हैं कि बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है.
ऐसे में मध्यम और उच्च वर्ग की लड़कियां उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाती हैं. उन्होंने कहा कि यहां कानून-व्यवस्था में भी गिरावट आयी है. ऐसे में मध्यम और उच्च वर्ग के लोग दूसरे राज्यों के रेसिडेंशियल स्कूल और कॉलेजों में भेजना बेहतर समझते हैं. इसके अलावा शादी में भी लड़कियों की शिक्षा के महत्व को देखते हुए बेहतर शिक्षा के लिए माता-पिता अपनी लड़की को दूसरे राज्यों में भेजते हैं.
शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि यह आंकड़ा 2011 की जनगणना पर आधारित है. राज्य में 2005 में नीतीश सरकार बनने के बाद उच्च शिक्षा सहित शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. लड़कियों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही हैं. कई संस्थान खोले गये हैं. इससे लड़कियों का रुझान राज्य के संस्थानों में पढ़ाई के प्रति बढ़ा है. इनका बेहतर परिणाम अगली जनगणना की रिपोर्ट में दिखेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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