पटना : औद्योगिक इकाइयों को भूजल उपयोग के लिए एनओसी जरूरी

पटना : केंद्रीय भूमि जल अधिनियम के प्रावधान के तहत विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के सभी औद्योगिक इकाईयों को भूजल उपयोग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है. औद्योगिक इकाइयों को अनापत्ति प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन को भरने तथा अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा […]

पटना : केंद्रीय भूमि जल अधिनियम के प्रावधान के तहत विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के सभी औद्योगिक इकाईयों को भूजल उपयोग के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है.
औद्योगिक इकाइयों को अनापत्ति प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन को भरने तथा अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा अपने प्रांगण में एक जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक एके अग्रवाल अधिकारियों की एक टीम के साथ भाग लिया तथा अनापत्ति पत्र कैसे भरे जायें, कौन-कौन से कागजात फार्म के साथ देना अनिवार्य है, यदि आवेदन पत्र में कोई त्रुटि हो जाती है तो उसके लिए क्या प्रक्रिया है, आवेदन पत्र के साथ क्या कोई शुल्क देना है आदि विषयों पर जानकारी दी.
क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण ने क्षेत्रीय कार्यालय को प्रति दिन 10 किलो लीटर भूमि जल उपयोग करने वाली इकाईयों को अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने का अधिकार प्रदान किया है. अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अंतिम निर्धारित तिथि 30 सितंबर 2019 है. जिस तरह से भूजल का संकट दिनोंदिन गहराते जा रहा है, सरकार द्वारा नये- नये कानून का निर्माण किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि केंद्रीय भूजल बोर्ड अब अधिकतर काम एनजीटी के अनुरूप कर रहा है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में एनजीटी ने बिहार प्रदेश के 102 प्रखंडों में औद्योगिक इकाईयों को भूजल उपयोग से संबंधित किसी तरह का अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से मना कर रखा है. भूजल दोहन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से ट्यूव वेल लगाने के लिए दी जा रही प्रोत्साहन सुविधा पर रोक लगा दिया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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