सुबोध कुमार नंदन
पटना : अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो इस साल के अंत तक शहर के लोगों को बकरी का दूध सुधा डेयरी के पार्लर पर मिलने लगेगा. इसे लेकर पटना डेयरी प्रोजेक्ट के अधिकारी और वैज्ञानिक काम कर रहे हैं. मार्केट में बकरी के दूध की भारी डिमांड को देख कर तैयारी चल रही है. पायलट प्रोजेक्ट के तहत पटना डेयरी प्रोजेक्ट के माध्यम से बकरी का दूध को बेचने की तैयारी है.
200 एमएल की बोतल : जानकारी के अनुसार शुरू में 200 मिली लीटर की बोतल में बकरी दूध की सप्लाइ होगी. योजना का मकसद है कि बकरी पालक को दूध का वाजिब दाम मिले. साथ ही बकरी पालन को बढ़ावा और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मुहैया हो. बकरी पालन को बढ़ावा देने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गंभीर हैं.
जानकारी के अनुसार केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह भी इसे लेकर काफी गंभीर है. बकरी दूध के उत्पादन को लेकर मंत्रालय और पटना डेयरी प्रोजेक्ट के अधिकारियों के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं.
कई राज्यों में उपलब्ध
पटना डेयरी से इसकी शुरुआत होगी. मांग को देखते हुए भागलपुर, बरौनी, मुजफ्फरपुर आदि प्लांट से भी दूध का उत्पादन किया जायेगा. फिलहाल जयपुर, पश्चिम बंगाल, गुजरात आदि राज्यों की डेयरी में बकरी के दूध का सफलतापूर्वक उत्पादन हो रहा है और मांग भी अच्छी है.
बहुत ही फायदेमंद
जेनरल फिजिशियन डॉ अमित कुमार ने बताया कि बकरी के दूध में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्निशियम, फॉस्फोरस, पोटाशियम और विटामिन ए, बी, सी और डी की मात्रा गाय व भैंस के दूध से ज्यादा होती है. इस दूध के सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं और इम्यून सिस्टम भी बढ़ता है. सबसे ज्यादा फायदेमंद डेंगू रोग में होता है. इसमें बीटा केसिन की उपलब्धता होने से शूगर और हाइ ब्लड प्रेशर से भी राहत मिलती है.
