पटना : राज्यसभा में जदयू ने कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को छह माह के लिए बढ़ाए जाने और जम्मू-कश्मीर आरक्षण बिल का समर्थन किया है. जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने राज्यसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए वहां राष्ट्रपति शासन का बढ़ाया जाना जरूरी है.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से पेश किये गये प्रस्ताव के समर्थन के दौरान उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या को कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को भूमि विवाद के रूप में पेश क्यों किया? कांग्रेस की ओर मुखातिब होते हुए सिंह ने कहा कि आपलोग इस मुद्दे को यूएन और इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में लेकर जाने की कोशिश में थे.
क्या यह कश्मीर समस्या के समाधान की कोशिश थी? सिंह ने कांग्रेस के सदस्य विप्लव ठाकुर की बातों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेसी शासनकाल में फैक्स कुछ ज्यादा ही काम करता था. फरवरी 2005 में जब बिहार में एनडीए की सरकार बनने जा रही थी तो रूस में राष्ट्रपति महोदय को जगाकर राज्यपाल महोदय के प्रस्ताव पर दस्तखत कराया गया. सिंह ने कहा कि मुझे राष्ट्रपति शासन में काम करने का अनुभव है.
राष्ट्रपति शासन के दौरान काफी काम होता है, इसकी हमें जानकारी है. जम्मू कश्मीर में जिस प्रकार के हालात हैं, उसमें राष्ट्रपति शासन को बढ़ाया जाना जरूरी है. जम्मू कश्मीर में अभी ग्रामीण स्तर पर लोगों से कनेक्ट करने का काम चल रहा है. पदाधिकारियों को गांवों में भेजा जा रहा है. वहां हिंदुस्तान की सर्वधर्म संस्कृति दिखती है. जदयू जम्मू कश्मीर आरक्षण बिल का समर्थन करता है.
