अमित कुमार
बीएसइआइडीसी के कार्यों की धीमी रफ्तार से पड़ सकता है असर
पटना : पटना विश्वविद्यालय में बिहार स्टेट एजुकेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बीएसइआइडीसी) की ओर से किये जा रहे भवन निर्माण व भवन मरम्मत की सुस्त रफ्तार विवि प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुकी है.
वहीं काम की क्वालिटी पर भी सवाल उठ रहे हैं. कॉरपोरेशन द्वारा किये जा रहे ज्यादातर काम पेंडिंग हैं और तय समय पर पूरे नहीं हो रहे हैं. दूसरी तरफ कार्य किये जाने के कुछ ही महीनों के बाद या तो प्लास्टर निकल जा रहा है या फिर पेंटिंग फिर से खराब हो जा रही है. इसको लेकर विवि प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है और कहा है कि या तो वे काम को समय पर कर लें या फिर काम समेट लें.
जुलाई में आयेगी नैक की टीम : जुलाई में नैक की टीम पीयू में विजिट करेगी. यही हाल रहा, तो मान्यता पर ही संकट पैदा हो जायेगा. दरभंगा हाउस में मरम्मती का कार्य चल रहा है. साइंस कॉलेज में तो वोकेशनल कोर्स की बिल्डिंग बन रही है.
डीडीइ के पास स्टूडेंट्स फेसिलिटेशन सेंटर बन रहा है, जिसमें कई वर्षों से काम चल रहा है, जिसका कार्य 2017 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, जबकि वहां सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी था. गोलकपुर में परीक्षा भवन का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है.
लो क्वालिटी वर्क से भी परेशानी
बीएन कॉलेज में कई जगहों पर लो क्वालिटी वर्क किया गया है. कार्य किये जाने के कुछ ही दिनों के बाद वहां प्लास्टर गिर रहे हैं. बीसीए विभाग में प्लास्टर व पेंट की परतें उखड़ कर गिर रही हैं.
वहां शिक्षकों व कर्मचारियों ने बताया कि अभी कुछ महीने पहले ही कार्य पूरा हुआ है और पूरी दीवार फिर से खराब हो चुकी है. पीयू द्वारा कॉरपोरेशन के कार्यों की समीक्षा की गयी, जिसमें सैदपुर हॉस्टल, जैक्सन हॉस्टल, गंगा देवी हॉस्टल, जीडीएस हॉस्टल, केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में लो क्वालिटी वर्क हुआ है, जिसकी रिपोर्ट कॉरपोरेशन को भेज दी गयी है.
वहीं अभी हाल में सायंस कॉलेज में हाॅस्टल निर्माण में खराब ईंटों के प्रयोग करने का मामला प्रकाश में आया था, जिसे छात्रों ने ही पकड़ा था. शिकायत के बाद कॉरपोरेशन भी हरकत में आया और आनन-फानन में ईंटें बदलवायीं. उस समय कॉरपोरेशन के अधिकारी ने ठेकेदार की गलती बतायी थी.
विवि प्रशासन ने जताया कड़ा एतराज
अगर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की यही रफ्तार रही तो नैक की मान्यता पर खतरा उत्पन्न हो जायेगा. यही वजह है कि विवि प्रशासन ने कड़ा एतराज जताया है, जल्द काम पूरा करने या कार्य समेटने का निर्देश दिया है. कई जगहों पर लो क्वालिटी की शिकायतें आ रही हैं. कॉरपोरेशन को उसे भी ठीक करना चाहिए.
मनोज मिश्र, रजिस्ट्रार, पटना विश्वविद्यालय
भवन काफी पुराने, दीवारों से रिसता है पानी
पीयू के भवन काफी पुराने हैं और दीवार से पानी रिसता है, जिस वजह से कुछ जगहों पर पेंट और प्लास्टर खराब हुए हैं, उन्हें दोबारा ठीक करा लिया जायेगा.
वहीं सायंस कॉलेज में वोकेशनल के भवन को हैंड ओवर किया जा रहा था लेकिन विवि ने नहीं लिया. परीक्षा भवन जहां बनना है उस जमीन पर पेड़ और इमामबाड़ा है. विवि जमीन क्लियर करके दे, तो काम शुरू कर दिया जायेगा.
सचिन दयाल, एग्जिक्यूटिव इंजीनियर, बीएसइआइडीसी
