पटना : अगर आप पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती अपने किसी मरीज को देखने जा रहे हैं, तो उनके साथ रहने वाले किसी परिचित का मोबाइल नंबर अपने पास जरूर रखें. बिना इसके आपका मरीज से संपर्क नहीं हो पायेगा. दरअसल पीएमसीएच प्रशासन के पास अस्पताल में भर्ती मरीजों का सही रिकॉर्ड नहीं होने की वजह से यह दिक्कत हो रही है. भर्ती होने के समय मरीजों का मोबाइल नंबर व पता दिया जाना अनिवार्य है, बावजूद रजिस्ट्रेशन पर्ची पर इसे अंकित नहीं किया जा रहा.
पर्ची में मोबाइल नंबर व पता नहीं, ढूंढ़े नहीं मिल रहे मरीज
पटना : अगर आप पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती अपने किसी मरीज को देखने जा रहे हैं, तो उनके साथ रहने वाले किसी परिचित का मोबाइल नंबर अपने पास जरूर रखें. बिना इसके आपका मरीज से संपर्क नहीं हो पायेगा. दरअसल पीएमसीएच प्रशासन के पास अस्पताल में भर्ती मरीजों का सही रिकॉर्ड नहीं […]

यही नहीं, इसकी वजह से सरकारी सुविधा को लेकर आये स्वास्थ्य विभाग, सिविल सर्जन, राज्य स्वास्थ्य समिति, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ आदि की टीम कई बार बिना मरीज से मिले ही वापस लौट गयी है. जबकि आइजीआइएमएस व पटना एम्स आदि अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन पर्ची में मरीज का पूरा नाम व मोबाइल नंबर भी रहता है.
रजिस्ट्रेशन में रुपये कमाने का खेल : सूत्रों की मानें, तो अधिक-से-अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन करने और रुपये कमाने के चक्कर में आरजी सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी ने अपने कर्मियों को मोबाइल नंबर व एड्रेस लिखने को मना कर दिया है.
अधीक्षक ने लिखित में दिया था आदेश
रोजाना हो रही परेशानी को देखते हुए पीएमसीएच अधीक्षक कार्यालय ने 2 अप्रैल, 2019 को आरजी सॉफ्टवेयर कंपनी के खिलाफ लिखित में आदेश जारी किया. आदेश के अनुसार अधीक्षक ने कहा कि मरीजों का पंजीयन पर्ची में नाम के साथ पूर्ण पता व मोबाइल नंबर नहीं रहता है, जिसके कारण मरीजों का पता लगाना असंभव हो जाता है. इसको देखते हुए पंजीयन पर पूरा पता लिखा जाये. आदेश पारित हुए दो महीने से अधिक गुजर गये लेकिन कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी ने आदेश को दरकिनार कर दिया.