पटना : प्री व पोस्ट पेमेंट के विवाद में लगभग डेढ़ महीने से बिहार सरकार का डॉल्फिन हेलीकॉप्टर खराब पड़ा है. चुनाव के दौरान तैयारियों का जायजा लेने चुनाव आयुक्त इससे मुजफ्फरपुर गये थे, जहां एक इंजन में खराबी आ जाने की वजह से इसका परिचालन रोक दिया गया आैर एक स्थानीय स्टेडियम में खड़ा कर छोड़ दिया गया.
हेलीकॉप्टर के 32 साल पुराना हो जाने के कारण इस मॉडल का इंजन मिलना संभव नहीं था. लिहाजा सरकार ने अपने पास रखे पुराने इंजन (उड़ान समय सीमा खत्म हो चुके ) के ओवरहोलिंग से काम चलाने का प्रयास किया और इसके लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया. लेकिन डॉल्फिन हेलीकॉप्टर के निर्माता एयरबस समेत कोई एविएशन कंपनी सरकारी टेंडर लेने के लिए सामने नहीं आयी क्योंकि उन्हें मरम्मत कार्य से पहले पेमेंट लेने की आदत है जबकि सरकार काम होने के बाद राशि देती है.
मरम्मत के 15 दिनों के भीतर राशि देने का प्रावधान : समस्या के निदान के लिए अगले दो-चार दिनों में नागरिक उड्डयन निदेशालय एक नया टेंडर जारी करेगा, जिसमें मरम्मत कार्य संपन्न होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित एजेंसी को राशि चुकाने का वचन दिया जायेगा. विदित हो कि हेलीकॉप्टर 32 वर्ष पहले 3.5 करोड़ में खरीदा गया था और वर्तमान में इस तरह के हेलीकॉप्टर की कीमत 90 करोड़ है.
