पटना : श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय अधिकारियों को पटना के शहरी व ग्रामीण क्षेत्राें को छह माह में बालश्रम मुक्त कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इसे चुनौतीपूर्वक लेते हुए में इस काम में स्वयंसेवी संस्थाओं, बुद्धिजीवियों सहित अन्य लोगों का सहयोग लिया जाये. बच्चों से मजदूरी करने वाले लोगों का सार्वजनिक रूप से एक्सपोज किया जाये. स्वयंसेवी संस्थाएं एक-एक जिला की जिम्मेदारी लें. सरकार मदद करेगी.
श्रम संसाधन मंत्री विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर दशरथ मांझी श्रम व नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर मंत्री ने तैयार बिहार बाल और किशोर श्रम(निषेध व विनियमन) नियम 2019 ड्राफ्ट, श्रम साथी एप का भी विमोचन किया. बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के निबंधित तीन लाख मजदूरों के खाते में डीबीटी के माध्यम से तीन-तीन हजार राशि भी दी गयी. पेंटिंग में सफल बच्चों को पुरस्कृत किया गया.
बच्चों ने कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये. मंत्री ने कहा कि बालश्रम से मुक्त कराने के लिए विश्व स्तर पर चर्चा हो रही है. अरबों रुपये खर्च हो रहे हैं. बालश्रम मुक्त अभियान तभी सफल होगा, जब सकारात्मक भाव से इसके लिए लोग काम करेंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के आयोजन में बच्चे से काम कराने वाले पर नोटिस कर कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कोई बालश्रमिक दिखें तो इस नंबर पर 9471229133 व्हाट्सएप कर सकते हैं.
नियाेजक पर हो कार्रवाई : विकास आयुक्त सुभाष शर्मा ने कहा कि बाल मजदूरी कराने वाले नियोजक पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कहा कि ललाच देकर काम कराने की प्रवृति खत्म होनी चाहिए.
यूनिसेफ के प्रतिनिधि शिवेंद्र पांडेय ने कहा कि बिहार में 10 लाख बालश्रमिक हैं. प्रयास संस्था के अमोद कंठ ने कहा कि बाल श्रम मुक्त को लेकर बिहार सरकार अच्छा काम कर रही है. कार्यक्रम में विभागीय प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने स्वागत भाषण व धन्यवाद ज्ञापन श्रमायुक्त गोपाल मीणा ने किया.
