दानापुर/खगौल : खगौल के गांधी स्कूल परिसर में महात्मा गांधी पार्क रखरखाव के अभाव में बदहाल होता जा रहा है. नगर का एकमात्र महात्मा गांधी पार्क आज उजाड़ व वीरान हो गया है. पार्क की ऐसी बदहाल स्थिति नगर पर्षद प्रशासन द्वारा देखरेख नहीं किये जाने से हुई है. करीब 49 लाख की लागत से पार्क का निर्माण कराया गया था, लेकिन महज चार साल में ही पार्क वीरान हो चला है.
गर्मी शुरू होते ही पार्क में बच्चों की धमाचौकड़ी व मौज-मस्ती शुरू हो जाती है, लेकिन खगौल के इस पार्क में अब बच्चों का आना बंद हो गया है.आज जरूरत है इस पार्क के सौंदर्यीकरण की है. छुट्टियों में पार्क की कमी नगर के बच्चों को खलती है. पार्क में बनी कुर्सियां भी टूट रही हैं. फव्वारे बंद पड़ चुके हैं. पार्क में लगे टाइल्स उखड़ रहे हैं. पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है. पार्क में गंदगी का अंबार लगा रहता है.
सुरक्षा का इंतजाम नहीं होने के कारण यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है. रात होते ही जुआरी व नशेड़ियों का जमघट लगने लगता है. कभी शाम होते ही दुधिया बल्बों की रोशनी से जगमग करता पार्क अब अंधेरे में डूबा रहता है. पार्क में साफ-सफाई के साथ उचित ढंग से रखरखाव नहीं किये जाने से पेड़ -पौधे भी सूख रहे हैं, जबकि एक माली राम प्रसाद को बहाल किया गया था, पर वह कभी-कभार ही पार्क में नजर आता है.
बता दें कि स्थानीय विधायक आशा सिन्हा द्वारा अनुशंसित किये जाने पर खगौल स्थित गांधी स्कूल परिसर में महात्मा गांधी पार्क का निर्माण करीब 49 लाख की लागत से किया गया था. पार्क का उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामकृपाल यादव व विधायक आशा सिन्हा ने मई ,2015 को किया था.
