- एडीजी इओयू ने मार्च तक लंबित सभी मामलों काे
- दो माह में निबटाने का दिया आदेश, रोजाना बनेगी रिपोर्ट
पटना : आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) में अनुसंधान को लेकर एक एडवाइजरी जारी की गयी है. अनुसंधान में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी. समय से गुणवत्ता के साथ अनुसंधान करने वाले पदाधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा. इओयू के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने एसपी डी अमरकेश, एएसपी विश्वजीत दयाल तथा जांच पदाधिकारियों एवं नियंत्री पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद यह निर्देश जारी किया है.
इआेयू में एडीजी, डीआइजी और एसपी कार्यालय में मूवमेंट रजिस्टर होगा. इसमें प्रतिदिन संचिकाओं का रिकार्ड रखा जायेगा. साइबर सेल के शाखा प्रभारी को निर्देश दिया कि वह हर माह पहले सप्ताह में एडीजी को रिपोर्ट देंगे कि कितने मामलों का निस्तारण हुआ. कितने केस लंबित हैं. एडीजी ने सभी अधिकारियों से एफएसएल, आयकर और राज्य से बाहर जांच के लिये लंबित मामलों की भी जानकारी मांगी है.
167 मामले हैं लंबित : एडीजी जेएस गंगवार ने समीक्षा में पाया कि इओयू में मार्च 2019 तक 167 मामले लंबित हैं. डीए और पीसी एक्ट के सालों पुराने मामले भी हैं. आर्थिक अपराध, साइबर, उत्पाद एवं वाणिज्यकर के मामले सबसे अधिक लंबित हैं. एडीजी इओयू के जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि लंबित मामलों के निस्तारण और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिये नियमित समीक्षा की जा रही ही है. दायित्व निर्वहन में लापरवाही बरते वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.
एक नजर
मामला संख्या
ठगी 34
गबन 27
आर्थिक अपराध 26
उत्पाद व वाणिज्यकर 23
साइबर 17
