पटना : माता-पिता के अलगाव के बीच एक बच्ची की पढ़ाई अटकी हुई है. ऐसा नहीं है कि उसके माता-पिता पढ़ाना नहीं चाहते. दरअसल दोनों अपने-अपने पास रखना चाहते हैं. इस खींचतान में बच्ची डिप्रेशन का शिकार हो रही है. फिलहाल शहर के एक नामी स्कूल में पढाई शुरू कर दी है. यह मामला हाइप्रोफाइल परिवार का है.
बाल संरक्षण आयोग में ये मामला उसकी दादी की तरफ से लाया गया. बाद में दादी ने सुझाव दिया है कि बच्ची को न तो मां के पास रखा जाये न पिता के पास, उसे एक बेहतर बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाया जाना चाहिए. फिलहाल आयोग ने मामला राइट टू एजुकेशन के संदर्भ में संज्ञान में लिया है. आयोग की मंशा है कि पढ़ाई बच्ची का हक है. यह उसे मिलना चाहिए.
आयोग इस मामले में काफी गंभीर बताया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि आरटीइ के आयोग में दर्जनों मामले आये हैं. जिसमें बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. आयोग के सदस्य पंकज सिन्हा ने बताया कि परिवार की लड़ाई में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. फिलहाल संज्ञान में लिये गये मामले में बच्ची के अधिकार की रक्षा आयोग करेगा.
