पटना : बात जब चुनाव की हो तो क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र होना लाजमी है. फिर जब समस्याओं के प्रकार पर बात आये तो सबसे पहला जिक्र यातायात व परिवहन पर होता है. मगर, पटना जिले के पटना साहिब व पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र के प्रवेश मार्ग वर्तमान समय में भी परेशानी का सबब बने हुए हैं.
जिले के सड़क मार्ग से प्रवेश करना आज भी लोगों के लिए किसी युद्ध जीतने के समान है. हालात ऐसे हैं कि सोन नदी पर बना कोइलवर पुल और गंगा पर बने गांधी सेतु पर जाम की समस्या अंतहीन हो गयी है.
इन दोनों पुलों पर कई-कई घंटों पर वाहन जाम में फंसे रहते हैं. कई बार तो भारी वाहनों को निकलने के लिए कई दिन का सामना करना पड़ता है. दोनों जगहों पर समानांतर पुल का निर्माण किया जा रहा है. मगर इनके समय पर पूरा होने की संभावना कर है. वहीं इस बार प्रत्याशी इसे चुनावी मुद्दा नहीं बना रहे हैं.
दो जिलों को जोड़ते हैं पुल
पटना जिले के लिए दोनों पुल काफी महत्वपूर्ण हैं. ये दोनों पुल जिले को दो अलग-अलग जिलों से जोड़ते हैं. कोइलवर सोन नदी के माध्यम में भोजपुर जिले को पटना से कनेक्ट करता है. इस क्षेत्र में बालू का खनन होने के कारण ट्रकों की लंबी लाइनें पुल पर लगातार बनी रहती है. आरा व पटना से एक-एक कर के वाहनों को छोड़ा जाता है. ट्रकों की लंबी लाइनें अन्य वाहनों के परिचालन को बाधित करती हैं.
कई बार तो कई दिनों तक आरा से लेकर बिहटा तक महाजाम लग जाता है. वहीं दूसरी तरफ महात्मा गांधी सेतु वैशाली जिले को पटना जिले के साथ पूूरे नार्थ बिहार हो राजधानी से जोड़ता है. सेतु निर्माण की कार्य का काम भी वर्षों से चल रहा है. इस पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गयी है.
दोनों जगहों पर समानांतर पुल का हो रहा निर्माण
दोनों जगहों पर समानांतर पुल का निर्माण हो रहा है. कोइलवर पुल के लिए लगभग सभी पायों का निर्माण पूरा कर लिया गया है. अब सुपर स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है. जुलाई तक एक फ्लैंक पर को चालू करने की योजना है. कुल छह लेन पुल का निर्माण किया जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ गांधी सेतु के समानांतर पुल का निर्माण भी किया जा रहा है. उसके पूरा होने तक समस्या लगी रही रहेगी.
