सुबोध कुमार नंदन
हिंदीभाषी क्षेत्रों में यह केंद्र करेगा तकनीकी समाधान
पटना : उत्तर भारत का पहला सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन पोस्टल टेक्नोलॉजी (सीइपीटी) पटना में खुलेगा. इस संबंध में डाक विभाग (बिहार परिमंडल) ने डाक निदेशालय को प्रस्ताव भेजा था जिसे निदेशालय ने स्वीकार कर लिया है. यह सेंटर इसी वित्तीय वर्ष के अंदर खोलने की योजना है.
अधिकारियों की मानें तो सीइपीटी स्थापित हो जाने के बाद पटना कुशल तरीके से चल रही परियोजनाओं के सभी तकनीकी पहलुओं को पूरा करेगा और हिंदी भाषी परिमंडलों (यूपी, एमपी, झारखंड, दिल्ली, उड़ीसा आदि पश्चिम बंगाल) के लिए समुचित तकनीकी समाधान सुनिश्चित करने में मदद करेगा. सीइपीटी लगातार मेघदूत, स्पीड-नेट, इ-पेमेंट, सीएसआइ, आरआइसीटी, सीबीएस जैसे कई आइटी टूल के विकास और रखरखाव में लगा हुआ है और इसके जरिये देश भर के लगभग सभी डाकघरों को सहायता प्रदान करता है.
भाषा संबंधी अवरोध होंगे दूर
इंडिया पोस्ट की मैसूर, चेन्नई और बेंगलुरु में सीइपीटी इकाइयां हैं. इसलिए सीइपीटी के साथ संचार करते समय सभी उत्तर भारतीय मंडल भाषा अवरोध का सामना करते हैं, क्योंकि सीइपीटी से प्राप्त सभी सूचनाएं तथा निर्देश अंग्रेजी भाषा में होती है.
दक्षिण भारत में स्थित सभी परिचालन सीइपीटी समयबद्ध तरीके से हमारे मुद्दों को ठीक से संबोधित और हल करने में असमर्थ हैं. जिससे मुद्दों को हल करने में काफी समय लग जाता है. अधिकारियों ने बताया कि इसी को देखते हुए उत्तर भारत में एक डेटा कमांड सेंटर की बात चल रही थी. बिहार की क्षेत्रीय भाषा हिंदी है. यहां सेंटर खुलने से भाषा संबंधी समस्याओं के निदान में मदद मिलेगी.
