धनरूआ में इलाहाबाद बैंक के कैशवैन से लूटे थे 45 लाख रुपये
आंध्र प्रदेश में जेल से छूटने के बाद पटना आया था सुजीत, आंध्र प्रदेश में गैंग ने बनाया था ठिकाना
पटना : धनरुआ में इलाहाबाद बैंक की कैश वैन से लूट करने वाले गैंग के सिप्पू समेत सात अपराधियों को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
इसमें कुख्यात सुजीत और संतोष कुमार निम्मी भी शामिल है. सिप्पू धनरूआ में 45 लाख रुपये कैश वैन से लूटने के बाद फरार हो गया था और उसने कांड में फरारी के दौरान खुद के मृत होने की अफवाह अपने लोगों द्वारा फैला दिया था. सिप्पू ने पटना छोड़ने के बाद दूसरे राज्य में जाकर ठिकाना बना लिया था.
वहां पर बिहार के अन्य अपराधियों को साथ लेकर अपराध कर रहा था. पटना एसएसपी गरिमा मलिक ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि गुप्ता सूचना मिली थी कि पांच अपराधी धनरुआ में एकत्रित हुए हैं. इस पर सिटी एसपी पूर्वी राजेंद्र कुमार भील के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया और वैशाली पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर धनरुआ से सिप्पू समेत पांच लोगों काे गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में जब उनके पटना में ज्वेलरी शॉप से लूट करने के साजिश का पता चला तो ज्वेलरी शॉप के मालिक के पुराने ड्राइवर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. धनरुआ में वर्ष 2017 में पटना से धनरुआ जा रही कैश वैन को नीमा-नदवां गांव के पास लूटा गया था. गार्ड की हत्या कर दी गयी थी. अक्तूबर माह में पटना के तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन मास्टरमाइंड सिप्पू फरार चल रहा था जो अब गिरफ्तार हुआ है.
सुजीत व संतोष के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले : सिप्पू, सुजीत और संतोष ने बिहार छोड़कर आंध्र प्रदेश में गैंग बना लिया था. सुजीत हाल में ही आंध्र प्रदेश में जेल से छूटकर बाहर आया था.इसके बाद यह लोग अब बिहार आये थे और लूट व हत्या की बड़ी घटना को अंजाम देकर फिर बाहर भाग जाने की तैयारी थी.
यहां बता दें कि सुजीत के खिलाफ पाटलिपुत्रा, बिहटा, गांधी मैदान, शास्त्रीनगर, एंव आरा नगर थाने में कुल डेढ़ दर्जन केस दर्ज हैं. संतोष उर्फ निम्मी के खिलाफ करीब एक दर्जन केस दर्ज हैं. फुलेंद्र के खिलाफ गर्दनीबाग में एक चर्चित व्यवसायी के घर डकैती के प्रयास का कांड दर्ज है.
दरअसल यह गैंग लूट की बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में था. यह लोग पटना के एक बड़े ज्वेलरी शॉप का टारगेट किये थे. इस शॉप से करीब दो करोड़ का सोना लूटने की तैयारी थी. इसमें लुटेरा गैंग से ज्वेलरी शाॅप के मालिक का पुराना ड्राइवर और स्टाफ भी मिला हुआ था. ड्राइवर लाइनर की भूमिका में था.
हत्या की सुपारी लेने की भी थी योजना : इससे पहले पकड़ लिया गया. पुलिस ने पुराने ड्राइवर अमन गुप्ता और फुलेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया. एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि सिप्पू द्वारा एक व्यवसायी की हत्या की सुपारी लेने की भी योजना थी. सिप्पू ने वैशाली में ऑर्म्स एक्ट के केस में अपनी संलिप्तता स्वीकार की.
ये हुए गिरफ्तार
-सिप्पू कुमार उर्फ सिंधु सिंह, निवासी दरियापुर, पिपरा पटना.
– संतोष कुमार उर्फ निम्मी, पनपुरा धनरूआ, पटना.
– सुजीत कुमार, निवासी कुर्जी मोड़
– राजेश कुमार राम उर्फ पुट्टू, निवासी भीमपुरा ,मसौढ़ी पटना.
– फुलेंद्र कुमार, गोनवां, नौबतपुर
– चंदन कुमार, रहीमपुर, परसा बाजार
– अमन कुमार गुप्ता, पाटलिपुत्र, पटना
ये हुआ बरामद
-दो देशी पिस्टल
-8 जिंदा कारतूस
– दो बाइक
– 8 मोबाइल फोन
