पटना : नेता जी की चुनावी राह में नहीं आता है पीपा पुल

दशकों से लाखों की आबादी को स्थायी पुल का इंतजार, घोषणा के बावजूद काम की शुरुआत नहीं अनिकेत त्रिवेदी पटना : विकास की पहली जरूरत सुगम यातायात है. लेकिन, जब सुगम यातायात के लिए जद्दोजहद झेल रहे हो तो आप को चुनाव के समय जरूरतों को पूरा करने का अच्छा अवसर मिलता है. कम से […]

दशकों से लाखों की आबादी को स्थायी पुल का इंतजार, घोषणा के बावजूद काम की शुरुआत नहीं
अनिकेत त्रिवेदी
पटना : विकास की पहली जरूरत सुगम यातायात है. लेकिन, जब सुगम यातायात के लिए जद्दोजहद झेल रहे हो तो आप को चुनाव के समय जरूरतों को पूरा करने का अच्छा अवसर मिलता है. कम से कम आम लोगों को इस बात का इंतजार रहता है कि काम भले शुरू नहीं हो, नेताजी अपने चुनावी प्रचार में उस निर्माण को पूरा करने का वादा तो कर दें, लेकिन नेताजी को इसकी याद ही नहीं आ रही है. नेताजी के चुनावी राह में पीपा पुल नहीं आता. जी हां, हम बात कर रहे दानापुर के पुरानी पानापुर में बने पीपापुल की. जहां के स्थानीय लोग वर्षों से एक अदद स्थायी पुल का इंतजार कर रहे हैं. जिसके निर्माण की कई बार घोषणा हो चुकी है.
इस पुल से पटना जिले का सीधा सरोकार है. खास कर पाटलिपुत्र लोकसभा के लोगों को इसकी सबसे अधिक जरूरत है. इस क्षेत्र की सात पंचायतों के लाखों लोगों का सीधा संबंध इस पीपापुल से पड़ता है. इनमें पटना जिले के पुरानी पानापुर, हेतनपुर, काशिमचक, गंगहारा, पतलापुर, मानस पंचायत का नाम आता है. इसके अलावा सारण जिले का अकिलपुर पंचायत भी पीपा पुल से प्रभावित होता है. जानकारी के अनुसार इस पीपापुल का निर्माण 1990 के लगभग में किया गया था. तब से अब तक इसके स्थायी निर्माण की घोषणा होती रहती है. मगर, निर्माण नहीं हुआ है.
हर बरसात में बंद होता है
आवागमन, गांधी सेतु पर बढ़ता है दबाव
पीपापुल को हर बरसात में बंद करना पड़ता है. जून से लेकर सितंबर तक इस पुल को खोल दिया जाता है. इसके बाद इस क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी होती है. लोगों को जेपी सेतु का सहारा लेना पड़ता है. इसके अलावा पुल को बंद होने के कारण हर बार गांधी सेतु पर भी दबाव बढ़ता है. इस कारण उस दौरान पूरे शहर में जाम की समस्या बढ़ती है. इसमें विशेष कर ग्रामीणों को परेशानी होती है.
गांधी सेतु के समानांतर पुल का काम शुरू
आने वाले समय में दीघा-एम्स एलिवेटेड सड़क का निर्माण पूरा हो जायेगा. इससे इस क्षेत्र के लोगों को एक नयी सुविधा मिलेगी. इसके अलावा गांधी सेतु के समानांतर एक पुल का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है. जो वैशाली को पटना जिले से लोगों को जोड़ेगा. इधर जेपी सेतु का निर्माण तो किया गया है, लेकिन यहां भारी वाहनों का आवागमन नहीं होता है. ऐसे पीपापुल की जगह स्थायी पुल का निर्माण जरूरी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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