रंगकर्मी दीपनारायण के असामयिक निधन पर इप्टा ने जताया शोक

पटना : जन सांस्कृतिक आंदोलन से गहरे रूप से जुड़े पटना इप्टा के वरीय साथी दीपनारायण के असामयिक निधन पर इप्टा के साथियों ने दुःख व्यक्त किया. दीपनारायण को याद करते हुए बिहार इप्टा के महासचिव तनवीर अख्तर ने कहा कि दीपनारायण अस्सी के दशक में पटना इप्टा से जुड़े और पटना में जन सांस्कृतिक […]

पटना : जन सांस्कृतिक आंदोलन से गहरे रूप से जुड़े पटना इप्टा के वरीय साथी दीपनारायण के असामयिक निधन पर इप्टा के साथियों ने दुःख व्यक्त किया. दीपनारायण को याद करते हुए बिहार इप्टा के महासचिव तनवीर अख्तर ने कहा कि दीपनारायण अस्सी के दशक में पटना इप्टा से जुड़े और पटना में जन सांस्कृतिक आंदोलन को एक नया तेवर देने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया. 1979 के साल में पटना इप्टा को नये रूप में लाने के लिए सक्रिय युवाओं की टीम में दीपनारायण भी शामिल थे.

पटना रंगमंच में नुक्कड़ नाटक की शुरुआती नाटकों में से एक नाटक ‘मशीन’ में दीपनारायण ने अभिनय किया और गली-चौराहे पर अभिनय के इस बहुआयामी प्रभाव को धारदार बनाने में सक्रिय योगदान दिया. जंगी राम की हवेली, महाभोज, वीरगति, जूलूस, इस्तीफा, दूर देश की कथा आदि नाटकों में उनका अभिनय हमेशा यादगार रहेगा.

दीपनारायण झारखंड राज्य पुलिस सेवा के अंतर्गत पुलिस उपाधीक्षक के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे. दीपनारायण विगत दिनों किडनी इंफेक्शन से ग्रसित थे और चंडीगढ़ में इलाजरत थे. पटना इप्टा के सचिव संजय कुमार सिन्हाने प्रेस विज्ञेप्ति जारी कर दीपनारायण के आकस्मिक निधनको अपूरणीय क्षतिबताया. और कहा, इप्टा उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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