पटना : किडनी में कैंसर से कई अंगों को खतरा आधुनिक तकनीक से इलाज संभव

आइएसएन नेशनल कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार पटना : किडनी में कैंसर जैसी बीमारी इन दिनों आम हो गयी है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण समय पर इलाज नहीं होना, स्मोकिंग व प्रदूषण माना जा रहा है. इस बीमारी का समय पर इलाज जरूरी है. सर्जरी और टारगेटेड थेरेपी ही इसका विकल्प है. […]

आइएसएन नेशनल कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार
पटना : किडनी में कैंसर जैसी बीमारी इन दिनों आम हो गयी है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण समय पर इलाज नहीं होना, स्मोकिंग व प्रदूषण माना जा रहा है.
इस बीमारी का समय पर इलाज जरूरी है. सर्जरी और टारगेटेड थेरेपी ही इसका विकल्प है. देरी करने पर यह बीमारी फैल जाती है और रक्त के जरिये कैंसर सेल्स ब्रेन, लिवर, हड्डी, फेफड़े में पहुंच जाते हैं. ऐसे में यह व्यक्ति के लिए जानलेवा बन जाती है. यह बात दिल्ली एम्स से आये डॉ एसके अग्रवाल ने शनिवार को गांधी मैदान स्थित एक होटल में आयोजित दो दिवसीय आइएसएन (इस्ट जोन) नेशनल कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ पर कही.
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य सचिव दीपक कुमार व पाटलिपुत्र नेशनल किडनी फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ हेमंत कुमार ने किया. पीजीआइ चंडीगढ़ से आये डॉ केएल गुप्ता ने बताया कि एक नयी तकनीक स्टिरियोटैट्रिक रेडियो सर्जरी है जो कि बेहद कारगर है. इस तकनीक से महत्वपूर्ण अंग लंग, लिवर एवं हड्डी के कैंसर का इलाज आसान हो गया है.
वहीं, एसजीपीजीआइ लखनऊ से आये डॉ अमित गुप्ता ने बताया कि रेडिकल नेफरेक्टॉमी तकनीक से किडनी, एड्रेनल ग्लैंड के आसपास के लिम्फ नोड्स और फैटी टिश्यू को निकाल दिया जाता है.

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