पटना : राजधानी पटना के मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स स्थित बिरयानी महल समेत 20 अन्य दुकानों को तोड़े जाने पर पटना हाईकोर्ट ने सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी. नगर निगम ने 25 अप्रैल को कोतवाली थाने के सामने स्थित बिरयानी महल सहित 20 दुकानों को तोड़े जाने का नोटिस भेजा था. नोटिस में कहा गया था कि ये सभी दुकानें अवैध रूप से बनायी गयी है. इसलिए 24 घंटे के अंदर संबंधित दुकानदार अपनी अपनी दुकानें तोड़ या हटा लें.
निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ संबंधित दुकानदारों की ओर से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गयी थी. न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ ने इस संबंध में दायर रिट याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. आवेदकों के वकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि निगम दुकानदार मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कर रही है.
इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि महज 24 घंटे के अंदर दुकान तोड़ने की करवाई शुरू कर दी गयी. उन्होंने कहा कि दुकानें बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड की जमीन पर है. इसके पहले भी पीआरडीए ने दुकान तोड़ने की करवाई शुरू की थी. लेकिन, निचली अदालत ने कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. कोर्ट के आदेश को भी निगम अनदेखी कर रहा है. इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई को होगी. तब तक कोर्ट ने दंडात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है.
