पटना सिटी : बाजार समिति परिसर में आग, 18 दुकानें राख

फल, नकदी और उपकरण समेत एक करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका पटना सिटी : बहादुरपुर थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर बाजार समिति परिसर में रविवार की दोपहर लगभग ढाई बजे लगी आग से डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानों में रखे फल व नकदी जल गये. मंडी के व्यापारियों ने एक करोड़ रुपये से अधिक के […]

फल, नकदी और उपकरण समेत एक करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका
पटना सिटी : बहादुरपुर थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर बाजार समिति परिसर में रविवार की दोपहर लगभग ढाई बजे लगी आग से डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानों में रखे फल व नकदी जल गये. मंडी के व्यापारियों ने एक करोड़ रुपये से अधिक के संपत्ति के नुकसान की आशंका जतायी है. व्यापारियों का कहना है कि अतिक्रमण की चपेट में आये परिसर में कचरा सड़क पर फेंक दिये जाने की वजह से उसमें लगी आग ने देखते-देखते दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया.
अगलगी की जानकारी मिलते ही मंडी में पटना सिटी, कंकड़बाग व सचिवालय से फायर ब्रिगेड की टीम नौ बड़ी , तीन छोटी गाड़ियों के साथ पहुंची.
इसके अलावा पानी के तीन टैंकर भी मंगाये गये. चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाने में कामयाबी मिली.
दो दिनों की बिक्री के रखे रुपये भी जल गये : कृषक व्यवसायी संघ के अध्यक्ष अब्दुल मन्ना, सचिव भुट्टो खान, संगठन सचिव शशिकांत पप्पू व उपाध्यक्ष वरुण कुमार ने बताया कि आग की लपटों ने मंडी के ब्लाक ‘ए’ में स्थित दुकान संख्या 52 से लेकर 66 तक व पप्पू की दुकान 144 व 145 में आग लगने से संपत्ति को नुकसान पहुंंचा है.
अगलगी में सेब, देसी अनार, आम, संतरा व अंगूर के फलों के पैकेट जल गये हैं. इतना ही नहीं बैंक बंद होने की स्थिति में दो दिनों की बिक्री के रखे रुपये भी दुकानों के अंदर जल गये हैं. इसके अलावा उत्तर दिशा में बने शेड व फल रखने के बाॅस्केट समेत अन्य सामान जल गये.
हालांकि, अगलगी की खबर मिलते ही आग बुझाने के लिए पीड़ित दुकानदारों इंदु प्रसाद, अवधेश कुमार, मुन्ना खान, बुद्धु जी, बबलू कुमार, अंजनी कुमार व तौफिक समेत काफी संख्या में मंडी के श्रमिक पहुंच गये. इसी बीच सूचना पाकर मौके पर फायर ब्रिगेड की भी टीम पहुंची और आग को बुझाया.
आग की उठती लपटों को देखकर मंडी में अफरा-तफरी की स्थिति मच गयी. फायर अफसर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अगलगी का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक पड़ताल में यह बात सामने आयी है कि कूड़ा- करकट की ढेर से आग फैली है.
प्रचंड होती आग की लौ और आग बुझाने की कोशिश में लगे मंडी के व्यापारी व श्रमिकों की चीत्कार से मंडी में गूंज रही थी. आग की लौ के साथ जलते अरमानों के बीच फलों के कार्टन व गल्ले में रखे बिक्री के रुपये बचाने की कवायद, सब कुछ चल रहा था, लेकिन आग की लपटों ने व्यापारियों के हौसले पस्त कर रखा था.
कृषक व्यवसायी संघ के सचिव साबिर अली उर्फ भुट्टो खान, संगठन सचिव शशिकांत पप्पू मेहता कहते हैं कि मंडी के व्यापारियों को कब तक इस तरह का नुकसान झेलना होगा. व्यापारियों ने बताया कि शनिवार व रविवार को बैंक बंद होने के कारण हर दुकान में कम से कम एक लाख तक बिक्री की राशि जमा होगी,जो जल कर राख हो गयी. व्यापारियों का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर अब संघर्ष किया जायेगा.
अतिक्रमण व सफाई नहीं होने से अक्सर होती हैं ऐसी घटनाएं
पीड़ित मंडी के व्यापारियों व कृषक फल -व्यवसायी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि मंडी में सफाई का दायित्व पटना नगर निगम बांकीपुर अंचल का है.
मंडी में नियमित सफाई के लिए निगमायुक्त से लेकर उच्चाधिकारियों तक आवेदन दिया गया. इसके बाद भी सफाई नहीं होने से अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं. व्यापारियों ने बताया कि मंडी में बाजार समिति मेन गेट से लेकर केला मंडी तक व मछली मंडी तक सड़क के दोनों तरफ अवैध ढंग से ठेला व टेंट लगा कर फल बेचने का काम होता है. फलों के छिलका, पुआल व कार्टन को सड़क पर फेंक दिया जाता है.
आज भी सड़क पर फेंके कचरे में लगी आग ने प्रचंड रूप धर लिया. कारोबारियों ने बताया कि बीते वर्ष 2018 में भी 16 मार्च को मंडी में इसी तरह आग लगी थी, जिसमें लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. उसी वर्ष मई माह में भी अगलगी की घटना हुई थी. सरकार भी व्यापारियों को सुविधा देने के मामले में उदासीन है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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