पटना : इनकम टैक्स रिटर्न और रिफंड में फर्जीवाड़े पर नकेल कसने के लिए इनकम टैक्स विभाग प्रावधानों में बदलाव कर रहा है. इसी क्रम में वित्त मंत्रालय की ओर से फॉर्म -16 में बदलाव की अधिसूचना अगले माह की 12 तारीख से लागू होगी. नये फॉर्म में पार्ट बी एनेक्सर का हिस्सा अब दो पन्नों के बजाय 5 पन्नों का होगा. ऐसे में वर्ष 2018-19 के लिए किसी कर्मचारी को नियोक्ता की ओर से दिया जाना वाला फार्म-16 नये प्रोफार्मा पर होगा. इस संबंध में वरीय चार्टर्ड एकाउंटेंट राजेश कुमार खेतान से विस्तार से इस बारे में जानकारी दी.
इनकम टैक्स विभाग की ओर से जारी फॉर्म-16 (टीडीएस प्रमाण- पत्र) में कई नयी जानकारियों के विवरण को जोड़ कर भुगतान से बचने पर नकेल कसने की कवायद की गयी है. इनकम टैक्सपेयर्स अब फॉर्म-16 में टैक्स बचाने के लिए फर्जी जानकारी नहीं दे पायेंगे. इससे कंपनियों को अब अपने हर कर्मचारी की सही-सही जानकारी देनी है. इससे किराये और पेट्रोल-डीजल भराने की फर्जी रसीद जमा करने पर भी अंकुश लगेगा. साथ ही नये फॉर्मेट में कर्मचारी की आय व छूट, बचत स्कीम व निवेश की जानकारी देनी होगी.
क्या है फाॅर्म-16
यह फाॅर्म कंपनियां अपने कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद जारी करती हैं. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए यह फॉर्म अनिवार्य होता है. इसमें कर्मचारियों के टीडीएस की जानकारी होती है. इसी आधार पर कर्मचारी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है.
एक नजर में
इन बदलावों से पारदर्शिता आयेगी, झूठे क्लेम करने पर पकड़े जायेंगे
एक लाख से ज्यादा सालाना किराया देने पर घर मालिक का पैन अनिवार्य
हाउसिंग लोन यदि वित्तीय संस्थान या नियोक्ता के अलावा किसी और से लिया गया है, तो देने वाले का पैन अनिवार्य
हर छूट का प्रमाण के साथ अलग विवरण देना होगा
