सभी क्षेत्रों के अपने-अपने स्थानीय मुद्दे
पटना : राज्य में लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 6 मई को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर संसदीय क्षेत्र के 86 लाख 95 हजार 588 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इन सभी क्षेत्रों के अपने-अपने स्थानीय मुद्दे हैं. इनमें मुख्य रूप से बाढ़, सुखाड़, औद्योगिकीकरण, सिंचाई, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल, बेरोजगारी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा शामिल हैं. हालांकि एनडीए का दावा है कि सड़क और बिजली व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है. वहीं विपक्ष का कहना है कि इन क्षेत्रों में जितना विकास का काम होना चाहिए, वह नहीं हुआ.
स्वास्थ्य सेवा, खादी ग्रामोद्योग, रेल, औद्योगिकीकरण पर लोग कर रहे चर्चा
सीतामढ़ी : सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र में 17 लाख 38 हजार एक मतदाता हैं. यहां से जदयू से सुनील कुमार पिंटू और राजद के अर्जुन राय में मुख्य मुकाबला होगा. यहां की मूल समस्या सिंचाई, स्वास्थ्य सुविधाएं, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और बेरोजगारी है. यहां के लोग अपने प्रतिनिधियों से इसका समाधान करने की उम्मीद रखे हुए हैं.
मधुबनी : मधुबनी संसदीय क्षेत्र में 17 लाख 80 हजार 846 मतदाता हैं. यहां भाजपा के अशोक यादव और वीआईपी के बद्री पूर्वे में मुख्य मुकाबला होगा. यहां की मूल समस्या बाढ़-सुखाड़, बंद चीनी मिलों को चालू कराना, खादी ग्रामोद्योग को सुदृढ़ करना, रेल सेवाविहीन क्षेत्रों में रेल सेवा बहाल करना है.
मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर संसदीय क्षेत्र में 17 लाख 10 हजार 868 मतदाता हैं. यहां भाजपा से अजय निषाद और वीआईपी के राजभूषण चौधरी में मुख्य मुकाबला होगा. इस क्षेत्र की मूल समस्या बाढ़, कुपोषण, संकरी सड़कों और उन पर अतिक्रमण से जाम आदि हैं.
सारण : सारण संसदीय क्षेत्र में 16 लाख 55 हजार 736 मतदाता हैं. यहां भाजपा के राजीव प्रताप रूडी और राजद के चंद्रिका राय के बीच मुख्य मुकाबला होगा. यहां की मूल समस्या सिंचाई और बेरोजगारी है.
हाजीपुर : हाजीपुर संसदीय क्षेत्र में 18 लाख 10 हजार 137 मतदाता हैं. यहां लोजपा के पशुपति कुमार पारस और राजद के शिवचंद्र राम के बीच मुख्य मुकाबला होगा. इस क्षेत्र की मूल समस्या बंद औद्योगिक इकाइयों को शुरू करवाना, केले की खेती से किसानों को फायदा दिलवाना, आर्सेनिक युक्त पेयजल, चेचर-गोपालपुर बहुउद्देशीय ग्रामीण जलापूर्ति योजना की शुरुआत करवाना है.
